उत्तर प्रदेश में मेधावी छात्रों को डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना पूरा करने में मदद देने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से विशेष पहल की जा रही है। इसके तहत योग्य विद्यार्थियों को JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त कोचिंग देने की व्यवस्था की जा रही है। खास बात यह है कि चयनित छात्रों को पढ़ाई के साथ रहने और खाने की सुविधा भी मुफ्त मिल सकती है।
इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को बेहतर शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देना है। कई बार अच्छी कोचिंग की फीस और दूसरे खर्च अधिक होने के कारण छात्र अपनी तैयारी पूरी नहीं कर पाते। ऐसे विद्यार्थियों को सहायता देकर सरकार शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश कर रही है।
JEE परीक्षा के माध्यम से छात्र इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश पाने की तैयारी करते हैं, जबकि NEET परीक्षा मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में दाखिले का रास्ता खोलती है। इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए विषयों की मजबूत समझ, नियमित अभ्यास और सही मार्गदर्शन जरूरी होता है। मुफ्त कोचिंग से विद्यार्थियों को इन जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
इस पहल में कक्षा 10वीं के अंकों को मेधावी विद्यार्थियों की पहचान और चयन के लिए महत्वपूर्ण आधार बनाया जा रहा है। हालांकि, पात्रता के लिए जरूरी न्यूनतम अंक, चयन प्रक्रिया, आवेदन की अंतिम तारीख और उपलब्ध सीटों जैसी शर्तों की जानकारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों से ही स्पष्ट होगी। इसलिए इच्छुक विद्यार्थियों को संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचना पर ध्यान देना चाहिए।
कुल मिलाकर, यह पहल उत्तर प्रदेश के उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बन सकती है, जो डॉक्टर या इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन आर्थिक कारणों से महंगी कोचिंग नहीं ले पाते। मुफ्त पढ़ाई, रहने और खाने की सुविधा मिलने से योग्य छात्रों को अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सकती है।





