टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की साजिश का खुलासा, शूटरों को ₹34 हजार और विदेश में नौकरी का लालच देने का दावा

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग के मामले में पुलिस जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच में कथित तौर पर खुलासा हुआ है कि हमले में शामिल युवकों को पैसों के साथ विदेश में नौकरी दिलाने का लालच भी दिया गया था। इस मामले में अमेरिका के कैलिफोर्निया में मौजूद अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है, जिसके लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का संदेह है। हालांकि, मामले में सभी आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी।

जानकारी के मुताबिक, 18 अक्टूबर को मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की गई थी। घटना के समय अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाया और गोलियां चलाकर मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में जुट गई।

जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि हमले को अंजाम देने के लिए युवकों को पैसों का लालच दिया गया था। उन्हें विदेश में नौकरी दिलाने का वादा भी किया गया था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में भुगतान की रकम अलग-अलग बताई गई है। इसलिए ₹34 हजार की सुपारी की रकम की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस अब पैसों के लेन-देन और हमले के पीछे मौजूद लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

इस मामले में कई संदिग्धों को गिरफ्तार किए जाने की खबरें सामने आई हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले की योजना किसने बनाई, शूटरों को निर्देश किसने दिए और इस पूरी साजिश में किसकी क्या भूमिका थी। जांच के दौरान अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है, जिसके कथित तौर पर विदेश से आपराधिक गतिविधियां संचालित करने से जुड़े होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, उसकी भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना के बाद फिल्म जगत से जुड़ी हस्तियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और संभावित आपराधिक नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल, जांच एजेंसियों का मुख्य ध्यान हमले के पीछे की वजह और कथित साजिश में शामिल लोगों की पहचान करने पर है।