आशुतोष रांका-सौरव दास केस की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई, दो दिन और बढ़ी न्यायिक हिरासत

नई दिल्ली: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने जांच क्राइम ब्रांच की इंटर स्टेट सेल को सौंप दी है। यह फैसला दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाए जाने के कुछ ही समय बाद लिया गया।

यह मामला 13 अक्टूबर 2026 को हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि आशुतोष रांका, सौरव दास और पार्टी के अन्य सदस्य बंद गेट और बैरिकेड पार करके जंतर-मंतर के अंदर पहुंच गए थे। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था।

इस मामले में दिल्ली के कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थानों में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें सरकारी आदेश का पालन नहीं करने, परिसर में अनधिकृत प्रवेश, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों के साथ बल प्रयोग और आपराधिक साजिश जैसे आरोपों से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं। अब क्राइम ब्रांच इन मामलों की आगे जांच करेगी।आशुतोष रांका और सौरव दास को 14 अक्टूबर को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई। अदालत ने शांति बनाए रखने के लिए पहले दिए गए बांड की शर्तों का उल्लंघन करने और दोबारा ऐसी घटना नहीं होने देने के उनके आश्वासन पर भी सवाल उठाए। मामले की अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

वहीं, दोनों नेताओं के वकीलों ने उनकी रिहाई की मांग की है। बचाव पक्ष का कहना है कि उन्होंने किसी नए प्रदर्शन का आह्वान नहीं किया था। दूसरी ओर, पुलिस ने आशंका जताई कि रिहाई के बाद दोबारा प्रदर्शन हो सकता है। अब इस मामले में क्राइम ब्रांच की जांच और अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।