मुकेश अंबानी से जामनगर में मिलेंगे अमेरिकी मंत्री, टेक्सास रिफाइनरी में निवेश पर हो सकती है चर्चा; अडाणी से भी मुलाकात

भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक और ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का प्रस्तावित भारत दौरा अहम माना जा रहा है। इस दौरान उनकी रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी से गुजरात के जामनगर में मुलाकात होने की संभावना है। बैठक में अमेरिका के टेक्सास में प्रस्तावित तेल रिफाइनरी परियोजना में रिलायंस के निवेश पर चर्चा हो सकती है। इसके अलावा, रुबियो की उद्योगपति गौतम अडाणी और टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से भी मुलाकात प्रस्तावित है।

रिपोर्टों के मुताबिक, रुबियो 20 से 22 अक्टूबर के बीच भारत के दौरे पर रहेंगे। 20 अक्टूबर को मुंबई में उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता होनी है। इसके बाद वह 21 अक्टूबर को गुजरात के जामनगर पहुंच सकते हैं, जहां रिलायंस के अधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है। इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाना है।

इस दौरे के दौरान अमेरिका में प्रस्तावित नई तेल रिफाइनरी परियोजना चर्चा का प्रमुख विषय हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मार्च 2026 में टेक्सास के ब्राउन्सविल में रिफाइनरी स्थापित करने की योजना की घोषणा की थी। इस परियोजना में रिलायंस इंडस्ट्रीज के निवेश की संभावना जताई गई है। ट्रंप ने इसकी अनुमानित लागत करीब 300 अरब डॉलर बताई थी। इसे अमेरिका में कई दशकों में प्रस्तावित पहली नई तेल रिफाइनरी परियोजना के रूप में पेश किया गया है। हालांकि, रिलायंस के निवेश और परियोजना की अंतिम शर्तों को लेकर आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज का गुजरात के जामनगर में दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग परिसरों में शामिल एक विशाल परिसर है, जिसकी कच्चे तेल को संसाधित करने की क्षमता करीब 14 लाख बैरल प्रतिदिन है। ऐसे में अमेरिकी विदेश मंत्री की जामनगर यात्रा को ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के कारोबारी हितों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और भविष्य में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हो सकती है।

मार्को रुबियो के दौरे में भारत के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ बातचीत को भी अहम माना जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, वह गौतम अडाणी और टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन से भी मुलाकात कर सकते हैं। इन बैठकों में व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। हालांकि, इन मुलाकातों का विस्तृत एजेंडा अभी स्पष्ट नहीं है।

यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और आर्थिक सहयोग बढ़ाने की कोशिशें भी चल रही हैं। रुबियो और एस. जयशंकर की बैठक में द्विपक्षीय संबंधों के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। अब इस दौरे से जुड़े फैसलों पर नजर रहेगी, क्योंकि इनका असर भारत-अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों और भविष्य की निवेश परियोजनाओं पर पड़ सकता है।