उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर की गई शिकायत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव द्वारा मामला उठाए जाने के बाद जिले की चार विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की जांच की गई। प्रशासन के अनुसार, जांच के दौरान 1,726 डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इस कार्रवाई की रिपोर्ट चुनाव आयोग को भी भेजी गई है।
यह मामला 19 मई 2026 को सामने आया था, जब समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आलोक शाक्य के नेतृत्व में पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। इसमें मैनपुरी, भोगांव, किशनी और करहल विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया गया था। पार्टी ने आरोप लगाया था कि कई मतदाताओं के नाम एक से अधिक बूथों पर दर्ज हैं। साथ ही, इन प्रविष्टियों की जांच कर सूची में सुधार करने की मांग की गई थी।
शिकायत में कुछ ऐसे मामले भी सामने रखे गए, जिनमें एक ही व्यक्ति का नाम कई जगह दर्ज होने की बात कही गई थी। किशनी विधानसभा क्षेत्र में रीना देवी का नाम पांच अलग-अलग बूथों पर दर्ज होने की शिकायत की गई। वहीं, भोगांव में अनीता के नाम से छह जगह प्रविष्टियां होने का मामला उठाया गया। करहल में भी कुछ मतदाताओं के नाम कई बूथों पर दर्ज होने की शिकायत की गई थी।
इसके बाद डिंपल यादव ने 11 अक्टूबर को जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को पत्र लिखकर शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी। उन्होंने मतदाता सूची की जांच कर गड़बड़ियों को दूर करने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। इसके बाद प्रशासन ने मतदाता सूची की जांच कर डुप्लीकेट प्रविष्टियों की पहचान करने और उन्हें हटाने की प्रक्रिया अपनाई।
मतदाता सूची से 1,726 डुप्लीकेट नाम हटाए जाने की कार्रवाई को चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सही मतदाता सूची निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने का एक अहम आधार है। अब इस मामले में प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी, ताकि मतदाता सूची में मौजूद अन्य संभावित गड़बड़ियों की भी पहचान कर उन्हें दूर किया जा सके।





