NALSAR विवाद के बाद NLSIU पहुंचे CJI सूर्यकांत, बोले- बाहरी ताकतों ने खड़ी की थीं बाधाएं

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत 17 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुछ बाहरी ताकतों के कारण समारोह को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई थी। हालांकि, सभी बाधाओं के बावजूद यह कार्यक्रम आयोजित हो सका।

दरअसल, यह विवाद अगस्त में शुरू हुआ था, जब हैदराबाद की नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च (NALSAR) यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों ने अपने दीक्षांत समारोह में CJI सूर्यकांत को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद बेंगलुरु के NLSIU के कुछ छात्रों और पूर्व छात्रों ने भी उनके समारोह में शामिल होने का विरोध किया था।

विवाद बढ़ने पर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने NALSAR के 2026 बैच के छात्रों के नामांकन पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। हालांकि, विरोध के बाद इस फैसले को कुछ ही घंटों में वापस ले लिया गया। इस मामले में CJI सूर्यकांत ने भी बार काउंसिल की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे और कहा था कि छात्रों को अपनी बात रखने तथा विरोध करने का अधिकार है।

विवाद के चलते NLSIU ने पहले सितंबर में होने वाला अपना दीक्षांत समारोह रद्द कर दिया था। बाद में विश्वविद्यालय ने कार्यक्रम की नई तारीख 17 अक्टूबर तय की। इस बार समारोह में मोबाइल फोन ले जाने और कार्यक्रम का सीधा प्रसारण करने पर भी रोक रखी गई थी।

CJI सूर्यकांत के समारोह में पहुंचने के साथ ही यह कार्यक्रम आखिरकार आयोजित हुआ। इस पूरे घटनाक्रम ने विश्वविद्यालयों की स्वतंत्रता, छात्रों के विरोध के अधिकार और शैक्षणिक संस्थानों के मामलों में बाहरी हस्तक्षेप को लेकर चर्चा तेज कर दी है।