यूट्यूबर ध्रुव राठी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने 2018 के आपराधिक मानहानि मामले में उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला बीजेपी आईटी सेल के सदस्य विकास सांक्रित्यायन उर्फ विकास पांडे की शिकायत से जुड़ा है। मामले की सुनवाई के दौरान ध्रुव राठी के वकील ने बताया कि वह लंदन में हैं और व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश नहीं हो सकते।
यह मामला ध्रुव राठी के मई 2018 में अपलोड किए गए ‘BJP IT Cell Part 2’ नाम के वीडियो से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विकास पांडे का आरोप है कि वीडियो में उनके खिलाफ ऐसे आरोप लगाए गए, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसी आधार पर उन्होंने ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी।
इस मामले में अदालत पहले भी समन जारी कर चुकी है। 12 अक्टूबर 2026 को अदालत ने ध्रुव राठी के गुरुग्राम स्थित आवास पर नए सिरे से समन भेजने का आदेश दिया था। शिकायतकर्ता पक्ष का कहना था कि कई वर्षों से समन की तामील कराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन इसमें परेशानी आ रही थी।
17 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि समन की तामील कराने पहुंचे प्रक्रिया अधिकारी को ध्रुव राठी का घर बंद मिला। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल जैन ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 31 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है।
ध्रुव राठी हाल ही में भारत आए थे और दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े विरोध प्रदर्शन के समर्थन में चर्चा में रहे थे। इसके बाद वह लंदन चले गए। फिलहाल इस मामले में अदालत की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। हालांकि, मानहानि के आरोप अभी शिकायत का हिस्सा हैं और मामले में अंतिम फैसला आना बाकी है।





