केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उसने किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि को अंजाम दिया, तो भारत की प्रतिक्रिया पिछली बार से भी ज्यादा सख्त होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा। आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख पहले भी सख्त रहा है और आगे भी रहेगा।
राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की पिछली कार्रवाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने जरूरत पड़ने पर हर बार मजबूती से जवाब दिया है। उरी हमले के बाद 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक, पुलवामा हमले के बाद 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक और पहलगाम आतंकी हमले के बाद 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई का संदेश दिया। इन अभियानों के जरिए भारत ने स्पष्ट किया कि देश की सुरक्षा को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
रक्षा मंत्री ने भारतीय सेना की ताकत और देश की रक्षा तैयारियों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अपनी सैन्य क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने, स्वदेशी हथियारों के निर्माण और आधुनिक तकनीक को अपनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि देश किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहे।
राजनाथ सिंह के इस बयान को पाकिस्तान के लिए कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि वह शांति और स्थिरता का पक्षधर है, लेकिन आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। रक्षा मंत्री की चेतावनी से साफ है कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा और किसी भी आतंकी गतिविधि का जवाब देने के लिए तैयार रहेगा।





