ट्रम्प बोले- जेलेंस्की से ज्यादा पुतिन चाहते हैं शांति समझौता, सीजफायर के दो दिन बाद रूस ने ऊर्जा ठिकानों पर किया हमला

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के मुकाबले शांति समझौता करने के लिए ज्यादा इच्छुक हैं। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रोकने की कोशिशें जारी हैं। वहीं, ऊर्जा ठिकानों पर हुए नए हमलों ने सीजफायर और शांति वार्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने से जुड़े सीजफायर के दावे के महज दो दिन बाद रूस ने यूक्रेन के छह ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाया। ऊर्जा ठिकानों पर हमलों का असर बिजली और दूसरी जरूरी सेवाओं पर पड़ सकता है। इससे आम लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं और सर्दियों के दौरान बिजली तथा गर्मी की व्यवस्था बनाए रखना भी मुश्किल हो सकता है।

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध लंबे समय से जारी है। इस दौरान दोनों देशों के सैन्य ठिकानों, शहरों और जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। ऊर्जा सुविधाओं पर हमले इस संघर्ष का अहम हिस्सा रहे हैं, क्योंकि बिजली व्यवस्था प्रभावित होने से आम जनजीवन के साथ-साथ उद्योगों और अस्पतालों जैसी जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

डोनाल्ड ट्रम्प लगातार रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने और दोनों देशों के बीच समझौता कराने की बात करते रहे हैं। उनका ताजा बयान संकेत देता है कि उनके आकलन में पुतिन शांति समझौते को लेकर जेलेंस्की से ज्यादा तैयार हैं। हालांकि, केवल बयान के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि वास्तव में कौन-सा पक्ष समझौते के लिए अधिक इच्छुक है। इसके लिए दोनों देशों की शर्तों, बातचीत और जमीन पर उठाए जा रहे कदमों को देखना जरूरी है।

ऊर्जा ठिकानों पर हमलों और शांति समझौते की कोशिशों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों देश किसी ऐसे समझौते पर पहुंच पाएंगे, जिससे युद्ध को रोका जा सके। सीजफायर के दावे के बाद हुए हमलों ने शांति प्रक्रिया की मुश्किलों को उजागर किया है। अब आगे की बातचीत और रूस-यूक्रेन के कदम तय करेंगे कि युद्ध रोकने की कोशिशों को कितनी सफलता मिलती है।