भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस से अपनी आखिरी फाइटर उड़ान भरी। यह खास उड़ान सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर आयोजित बहुराष्ट्रीय हवाई युद्धाभ्यास ‘तरंग शक्ति-2026’ के दौरान हुई। एपी सिंह 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में उनकी यह उड़ान उनके लंबे सैन्य करियर का एक यादगार पल बन गई है।
एपी सिंह की इस उड़ान को खास बनाने वाली बात यह है कि उन्होंने अपने करियर के दौरान तेजस विमान के परीक्षण में भी अहम भूमिका निभाई थी। वह नेशनल फ्लाइट टेस्ट सेंटर में फ्लाइट टेस्ट प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं। इस दौरान उन्होंने तेजस के उड़ान परीक्षण से जुड़े कामों की जिम्मेदारी संभाली थी। इसलिए जिस विमान के विकास और परीक्षण से वह जुड़े रहे, उसी से अपनी आखिरी लड़ाकू उड़ान भरना उनके लिए बेहद खास रहा।
भारतीय वायुसेना ने इस उड़ान का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। उड़ान के दौरान एपी सिंह के साथ मित्र देशों के विमान और भारतीय वायुसेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम भी मौजूद रही। ‘तरंग शक्ति-2026’ में कई देशों की वायु सेनाएं हिस्सा ले रही हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य अलग-अलग देशों की वायु सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना और एक-दूसरे की क्षमताओं को समझना है।
तेजस भारत में विकसित किया गया हल्का लड़ाकू विमान है। यह देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करने और स्वदेशी रक्षा तकनीक को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। तेजस के नए संस्करण Mk-1A को भी भारतीय वायुसेना में शामिल करने की तैयारी चल रही है। इस विमान का विकास भारत की अपनी रक्षा तकनीक और लड़ाकू विमान बनाने की क्षमता को आगे बढ़ाने में अहम योगदान देता है।
भारतीय वायुसेना ने एपी सिंह की आखिरी लड़ाकू उड़ान को उनके विमान उड़ाने के जुनून और देशसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया। वायुसेना के संदेश के अनुसार, भले ही उनके उड़ान करियर का एक अध्याय समाप्त हो रहा है, लेकिन देश की सेवा का उनका संकल्प जारी रहेगा। एपी सिंह की यह उड़ान उनके लंबे सैन्य सफर और स्वदेशी तेजस विमान से उनके विशेष जुड़ाव की यादगार मिसाल बन गई है।





