राजस्थान के धौलपुर जिले के नगला हरलाल–बसई नवाब मार्ग की एक सड़क का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि करीब छह महीने पहले बनी सड़क जगह-जगह से उखड़ गई है और इसकी मरम्मत के लिए ऊपर से सीमेंट का घोल डालकर पैचवर्क किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
वायरल वीडियो के सामने आने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और सरकारी कार्यों की निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क वास्तव में कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त हो गई है, तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए। लोगों का आरोप है कि सड़क की स्थायी मरम्मत के बजाय केवल अस्थायी पैचवर्क किया जा रहा है।
इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन यदि नई सड़कें कुछ ही महीनों में टूटने लगें, तो यह निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विपक्ष ने पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने और यदि किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़कें केवल उद्घाटन के लिए नहीं, बल्कि वर्षों तक सुरक्षित और टिकाऊ रहने के लिए बनाई जाती हैं। उनका कहना है कि यदि बार-बार मरम्मत की नौबत आती है, तो इससे सरकारी धन के उपयोग और गुणवत्ता नियंत्रण दोनों पर प्रश्नचिह्न लगते हैं।
फिलहाल संबंधित विभाग की ओर से इस वायरल वीडियो और सड़क की स्थिति पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में यह अपेक्षा की जा रही है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगा और यदि कहीं निर्माण में कमी पाई जाती है तो आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला एक बार फिर इस बहस को सामने लाता है कि विकास के दावों के साथ-साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।




