ट्रंप ने शी जिनपिंग से पूछा था, क्या चीन अमेरिकी हथियार खरीदना चाहेगा? अमेरिकी राजदूत का दावा

अमेरिका और चीन के बीच रिश्तों को लेकर एक असामान्य दावा सामने आया है। अमेरिका के चीन में राजदूत डेविड पर्ड्यू ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से एक मौके पर पूछा था कि क्या चीन अमेरिका से हथियार खरीदना चाहेगा। पर्ड्यू ने यह बात फॉक्स न्यूज के एक इंटरव्यू में कही, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ट्रंप ने यह सवाल कब और किस संदर्भ में पूछा था।पर्ड्यू से ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री में देरी को लेकर सवाल किया गया था। उन्होंने कहा कि ट्रंप ताइवान को हथियारों की बिक्री को दुनिया के दूसरे देशों को होने वाली अमेरिकी हथियार बिक्री के संदर्भ में देखते हैं। इसी दौरान उन्होंने बताया कि ट्रंप ने कथित तौर पर शी जिनपिंग से भी पूछा था कि क्या वह अमेरिकी हथियार खरीदना चाहेंगे।

यह बयान ऐसे समय आया है जब ताइवान करीब 14 अरब डॉलर के प्रस्तावित अमेरिकी हथियार पैकेज की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। इससे पहले ट्रंप ने ताइवान को हथियारों की बिक्री को चीन के साथ बातचीत में एक महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में बताया था। चीन लंबे समय से ताइवान को अमेरिकी हथियारों की बिक्री का विरोध करता रहा है और वॉशिंगटन से ऐसी बिक्री रोकने की मांग करता रहा है।

हालांकि, पर्ड्यू के बयान के बाद अमेरिकी प्रशासन की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि चीन को हथियार बेचने की कोई योजना या प्रस्ताव नहीं है और अमेरिकी कानून चीन को हथियारों की बिक्री पर रोक लगाता है। इसलिए पर्ड्यू के बयान को किसी औपचारिक हथियार सौदे या बिक्री योजना की घोषणा के रूप में नहीं देखा जा रहा है।पर्ड्यू ने यह भी कहा कि ट्रंप की ताइवान नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उनके मुताबिक, ट्रंप और शी के बीच ताइवान को लेकर बातचीत जारी है और अमेरिका ताइवान को हथियार उपलब्ध कराने की नीति पर कायम है। अमेरिका ताइवान को अपनी रक्षा क्षमता बनाए रखने के लिए हथियार उपलब्ध कराता है, जबकि चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और अमेरिकी सैन्य समर्थन का विरोध करता है।

चीनी विदेश मंत्रालय ने पर्ड्यू के दावे की सीधे तौर पर पुष्टि नहीं की। प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन अपनी जरूरतों के अनुसार अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करता रहेगा और विश्व शांति तथा स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ट्रंप और शी के बीच अमेरिकी हथियारों की खरीद को लेकर कथित बातचीत हुई थी, लेकिन चीन को हथियार बेचने का कोई औपचारिक प्रस्ताव या योजना अमेरिकी सरकार ने घोषित नहीं की है।