इडुक्की में नवजात की गला दबाकर हत्या के मामले में महिला दोषी करार, मंगलवार को सजा का ऐलान

केरल के इडुक्की जिले में नवजात बेटे की हत्या के करीब 12 साल पुराने मामले में 47 वर्षीय महिला रोजमेरी उर्फ कुट्टियम्मा को अदालत ने दोषी करार दिया है। प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एश के. बाल की अदालत मंगलवार, 29 सितंबर को दोषी महिला की सजा की अवधि का ऐलान करेगी। अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का दोषी माना है।

यह मामला 13 मई 2014 का है और मरयूर के पुलिक्कारा वायल इलाके से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, रोजमेरी ने कथित तौर पर घर में गुपचुप तरीके से बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद नवजात को गला दबाकर मारने और शव को कंबल में लपेटकर घर के पास मौजूद मवेशियों के शेड की छत पर रखने का आरोप लगाया गया था।

मामला तब सामने आया जब रोजमेरी की 14 वर्षीय पड़ोसी सूर्या ने मवेशी शेड की छत से बच्चे के रोने की आवाज सुनी। वह वहां पहुंची तो उसे कंबल में लिपटा नवजात दिखाई दिया। बच्चे की नाभि की नाल भी जुड़ी हुई थी। सूर्या ने तुरंत स्थानीय पंचायत सदस्य एन. रविचंद्रन को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बच्चे को अस्पताल ले जाया गया।

नवजात को मरयूर सरकारी अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में अडिमाली के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान दोपहर करीब 3:45 बजे बच्चे की मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया था कि रोजमेरी के चेहरे और कंबल पर खून के निशान दिखाई दे रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक, रोजमेरी ने 13 मई 2014 को सुबह करीब 9:30 बजे बच्चे को जन्म दिया था और इसके बाद कथित तौर पर उसका गला दबा दिया। पुलिस का आरोप था कि उसने बच्चे को कंबल में लपेटकर मवेशी शेड की छत पर रख दिया था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील पी.एस. राजेश ने पैरवी की।अदालत ने अब रोजमेरी को हत्या का दोषी ठहरा दिया है। हालांकि, सजा की अवधि अभी तय नहीं हुई है और इसका ऐलान मंगलवार को किया जाएगा। फिलहाल अदालत के दोषसिद्धि आदेश के बाद मामले में अगला महत्वपूर्ण चरण सजा पर सुनवाई है।