गुजरात ATS का बड़ा खुलासा: पकड़े गए 8 के 8 आतंकी निकले हिंदुस्तानी

अक्सर जब किसी आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश होता है तो शक की सुई सीमा पार की ओर जाती है। लेकिन इस बार गुजरात ATS की जांच ने एक ऐसा खुलासा किया जिसने सभी को चौंका दिया। जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से कथित रूप से जुड़े जिन आठ संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया, वे पाकिस्तान के नागरिक नहीं, बल्कि भारत के अलग-अलग राज्यों के रहने वाले भारतीय नागरिक हैं।

जांच के अनुसार, सभी आरोपी वर्षों से भारत में रह रहे थे और सामान्य नागरिकों की तरह अपनी पहचान बनाए हुए थे। एजेंसियों का दावा है कि इसी आड़ में वे कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के संपर्क में आए और धीरे-धीरे आतंकी संगठन के लिए काम करने लगे। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि उनका उद्देश्य भारत के भीतर ही नए लोगों को जोड़कर एक स्थानीय मॉड्यूल तैयार करना था।

ATS के अनुसार, आरोपियों ने किसी विदेशी नागरिक की तरह सीमा पार से घुसपैठ नहीं की थी, बल्कि भारतीय होने का लाभ उठाकर कथित तौर पर अपने नेटवर्क का विस्तार करने की कोशिश की। एजेंसी का कहना है कि वे सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तान स्थित आतंकियों से संपर्क में थे और संगठन की विचारधारा को स्थानीय स्तर तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे।जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा साहित्य, संगठन का झंडा और बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इनके संपर्क देश के अन्य राज्यों तक फैले हुए थे और क्या इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य भारतीय नागरिक भी सक्रिय हैं।

गुजरात ATS का मानना है कि यह मामला केवल आठ लोगों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकेत है कि विदेशी आतंकी संगठन भारत के भीतर मौजूद लोगों को प्रभावित कर स्थानीय नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और एजेंसियां उनके संपर्कों, वित्तीय लेन-देन तथा संभावित सहयोगियों की जांच कर रही हैं।

एजेंसियों ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। उनके विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।