उत्तर प्रदेश को 4 राज्यों में बांटने की चर्चा फिर तेज, ओम प्रकाश राजभर के बयान से सियासत गरम

उत्तर प्रदेश को चार हिस्सों में बांटने की पुरानी मांग एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख Om Prakash Rajbhar ने हाल ही में दावा किया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को चार अलग-अलग राज्यों में बांटा जा सकता है। उनके इस बयान के बाद राज्य के पुनर्गठन को लेकर बहस फिर तेज हो गई है।

राजभर के मुताबिक प्रस्तावित चार राज्य पूर्वांचल, मध्यांचल, बुंदेलखंड और हरित प्रदेश हो सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जातीय जनगणना के बाद इस दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। राजभर ने दावा किया कि उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात की है और उन्हें आश्वासन मिला है। हालांकि, केंद्र सरकार या भाजपा की ओर से उत्तर प्रदेश को चार राज्यों में बांटने की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।

राजभर ने पूर्वांचल को अलग राज्य बनाए जाने की स्थिति में वहां राजभर समुदाय से मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात भी कही। इस बयान ने बहस को प्रशासनिक पुनर्गठन के साथ-साथ राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे से भी जोड़ दिया है। उत्तर प्रदेश के विभाजन की मांग नई नहीं है। वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती की सरकार ने विधानसभा में राज्य को पूर्वांचल, बुंदेलखंड, अवध प्रदेश और पश्चिम प्रदेश में बांटने का प्रस्ताव पारित किया था। हालांकि, यह प्रस्ताव केंद्र स्तर पर आगे नहीं बढ़ सका। फिलहाल उत्तर प्रदेश के चार राज्यों में विभाजन को लेकर कोई अंतिम सरकारी फैसला नहीं हुआ है। राजभर के बयान ने एक पुराने मुद्दे को फिर राजनीतिक बहस में ला दिया है और अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इस पर कोई औपचारिक रुख सामने आता है या नहीं।