चढ़ावा चोरी केस: दो दिन में दाखिल होगी चार्जशीट, सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने दी जानकारी

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और हेराफेरी के मामले में जांच अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम यानी SIT जल्द ही चार्जशीट दाखिल करेगी। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि चार्जशीट दो दिन के भीतर और अधिकतम 25 सितंबर तक दाखिल कर दी जाएगी। यह मामला मंदिर में चढ़ावे की रकम और कीमती सामान से जुड़ा है।

जांच के दौरान मंदिर परिसर के काउंटिंग रूम की CCTV फुटेज की भी गहन जांच की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, फुटेज में चढ़ावे की नकदी को कथित तौर पर बिना अनुमति निकालने या छिपाने से जुड़ी 105 घटनाओं की पहचान हुई है। जांच एजेंसी ने CCTV फुटेज के अलावा आरोपियों के बयान, बैंक रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और अन्य सबूतों को भी जांच में शामिल किया है।

इस मामले में पहली गिरफ्तारी के 90 दिन 25 सितंबर को पूरे हो रहे हैं। ऐसे में तय समयसीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल करना जांच एजेंसी के लिए महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने बताया कि अगर निर्धारित अवधि में चार्जशीट दाखिल नहीं होती है तो आरोपियों को कानून के तहत डिफॉल्ट जमानत का अधिकार मिल सकता है। इसी वजह से SIT अब अपनी जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।

जांच में मंदिर में मिले कीमती सामान और चढ़ावे से जुड़े रिकॉर्ड को भी खंगाला गया है। सामने आई जानकारी के अनुसार, 803 कीमती वस्तुओं की रसीदों का सत्यापन किया गया और उनका रिकॉर्ड ट्रस्ट के पास पाया गया। इन वस्तुओं को SBI के लॉकर में सुरक्षित रखे जाने की जानकारी भी सामने आई है। इसके अलावा 86 ऐसी कीमती वस्तुओं की भी जांच की गई, जिनकी रसीद जारी नहीं हुई थी।

SIT ने मामले में अब तक 173 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। इनमें मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी, बैंक अधिकारी, सुरक्षा कर्मचारी, CCTV ऑपरेटर, चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य संबंधित लोग शामिल हैं। जांच में फॉरेंसिक ऑडिट के जरिए चढ़ावे की रकम और उससे जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड का भी मिलान किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में कानून के मुताबिक आगे की कार्रवाई जारी रखने की बात कही। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप, उपलब्ध सबूत और उनकी कथित भूमिका को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी। मामले की आगे की सुनवाई 2 नवंबर 2026 को होनी है।