भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा के लिए 2026 का एशियन गेम्स एक बड़ा झटका बन गया है। टखने में लिगामेंट की चोट के कारण नीरज इस बार एशियन गेम्स में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। हाल ही में उन्होंने इस पूरे मामले पर खुलकर बात की और माना कि भारत के लिए इस बड़े टूर्नामेंट में नहीं खेल पाना उन्हें अंदर से काफी परेशान कर रहा है। नीरज ने कहा कि उनके दोस्त जानते हैं कि वह इस समय ‘अच्छी जगह पर नहीं हैं’।
नीरज को यह चोट ट्रेनिंग के दौरान लगी थी। इसके बाद डॉक्टरों और अपनी टीम से सलाह-मशविरा करने के बाद उन्होंने 2026 के बाकी सीजन से बाहर रहने का फैसला किया। इसका मतलब है कि वह एशियन गेम्स के साथ-साथ डायमंड लीग फाइनल में भी हिस्सा नहीं ले पाएंगे। यह फैसला ऐसे समय आया जब नीरज अपनी लय हासिल करते हुए नजर आ रहे थे। लॉजेन डायमंड लीग में उन्होंने 88.05 मीटर का अपना सीजन का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया था। इससे पहले ग्लासगो में उन्होंने 85.83 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल भी जीता था।
एशियन गेम्स नीरज के लिए खास रहा है। उन्होंने 2018 जकार्ता और 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में जैवलिन थ्रो का गोल्ड मेडल जीता था। ऐसे में इस बार भी उनसे शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही थी। लेकिन चोट ने उनकी तैयारियों पर ब्रेक लगा दिया। एशियन गेम्स से बाहर होने के बाद नीरज का भावुक होना बताता है कि देश के लिए इतने बड़े मंच पर नहीं उतर पाना उनके लिए कितना मुश्किल है।
नीरज ने यह भी संकेत दिया कि चोट और प्रतियोगिताओं से दूर रहने का दौर उनके लिए आसान नहीं है। हालांकि, इस मुश्किल समय में उनके दोस्त और करीबी लोग उनका साथ दे रहे हैं। नीरज के लिए फिलहाल सबसे जरूरी चीज पूरी तरह फिट होना है, क्योंकि जल्दबाजी में वापसी करने के बजाय वह चोट से अच्छी तरह उबरने पर ध्यान दे रहे हैं।
नीरज की गैरमौजूदगी भारतीय एथलेटिक्स टीम के लिए भी बड़ा बदलाव है। उनकी जगह यश वीर सिंह को भारतीय टीम में शामिल किया गया है, जबकि रोहित यादव भी जैवलिन थ्रो में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। नीरज की अनुपस्थिति में अब इन खिलाड़ियों पर भी देश की उम्मीदें टिकी हैं।
नीरज ने अपने करियर में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। ऐसे में फैंस अब उनकी जल्द और पूरी तरह फिट वापसी का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल नीरज का पूरा ध्यान रिकवरी पर है और उनकी कोशिश होगी कि चोट से उबरने के बाद वह पहले से ज्यादा मजबूती के साथ मैदान पर वापसी करें।





