उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से 10 दिनों के भीतर दूसरी बार मुलाकात की। लखनऊ में हुई इस बैठक के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में संभावित नए समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मुलाकात के बाद सुनील सिंह ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाना लोकदल का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि बैठक में किसानों, गरीबों, युवाओं, रोजगार और महंगाई जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। सुनील सिंह के मुताबिक, अखिलेश यादव ने लोकदल का सम्मान बनाए रखने और पार्टी के हितों का ध्यान रखने का भरोसा दिया है।
बैठक में गठबंधन और सीटों के बंटवारे को लेकर भी बातचीत हुई। लोकदल ने करीब 35 विधानसभा सीटों पर तैयारी की बात कही है। हालांकि, किन सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी, इसे लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है और सीट शेयरिंग पर बातचीत आगे जारी रहने की बात कही गई है।
सुनील सिंह ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और लोकदल INDIA गठबंधन का हिस्सा हैं और लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होकर आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को भी चुनावी एजेंडे में प्रमुखता देने की बात कही। पश्चिमी यूपी में किसान राजनीति और क्षेत्रीय दलों की भूमिका को देखते हुए लोकदल की सपा के साथ बढ़ती नजदीकी 2027 के चुनाव से पहले चर्चा का विषय बन गई है।
फिलहाल गठबंधन और सीटों के बंटवारे की तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। लेकिन 10 दिनों में दूसरी मुलाकात और अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लोकदल के खुले समर्थन से यह साफ है कि पार्टी ने 2027 के चुनाव को लेकर अपनी राजनीतिक दिशा तय करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।





