केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने Reliance Capital Limited, कंपनी के पूर्व चेयरमैन अनिल अंबानी और पूर्व ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर सतीश सेठ समेत अन्य लोगों के खिलाफ नया मामला दर्ज किया है। यह केस भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के निवेश से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर दर्ज किया गया है। LIC की शिकायत के आधार पर CBI करीब ₹2,684.57 करोड़ के कथित नुकसान की जांच कर रही है।
जांच एजेंसी के अनुसार, अप्रैल 2012 से मार्च 2018 के बीच LIC ने Reliance Capital की ओर से जारी पांच नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) में करीब ₹3,900 करोड़ का निवेश किया था। आरोप है कि इस निवेश के लिए कंपनी की ओर से कुछ गलत या भ्रामक जानकारियां दी गईं और बाद में रकम के इस्तेमाल को लेकर भी अनियमितताएं हुईं। CBI अब यह पता लगाने में जुटी है कि निवेश की गई राशि का इस्तेमाल किस तरह किया गया और कथित नुकसान के लिए कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं।
मामले में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, धन के कथित डायवर्जन और खातों में हेरफेर जैसे आरोपों की जांच की जा रही है। CBI ने इस मामले में कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा है। वहीं, अनिल अंबानी की ओर से किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया गया है। उनके प्रवक्ता के मुताबिक, अंबानी नवंबर 2021 तक Reliance Capital के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और चेयरमैन थे। इसके बाद RBI ने कंपनी के बोर्ड को हटा दिया था और एक एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया था।
CBI की जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि पूरे मामले में वित्तीय फैसले कैसे लिए गए, निवेश की रकम का इस्तेमाल कहां हुआ और कथित नुकसान के पीछे किन लोगों की भूमिका रही। एजेंसी की जांच आगे बढ़ने के साथ ही मामले से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।





