Tata Sons में बोर्डरूम टकराव के बीच Shapoor Mistry ने PM Modi की तारीफ की, NITI Aayog का किया जिक्र

Tata Sons में सार्वजनिक लिस्टिंग और कंपनी के नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान के बीच Shapoorji Pallonji Group के चेयरमैन Shapoor Pallonji Mistry ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की है। Mistry ने भारतीय संस्थानों को मजबूत करने की दिशा में सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए NITI Aayog और भारतीय रिजर्व बैंक की संस्थागत भूमिका की सराहना की। उनका बयान Tata Sons की लिस्टिंग को लेकर Tata Trusts और अन्य शेयरधारकों के बीच जारी मतभेदों के बीच आया है।Mistry ने RBI के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसके तहत Tata Sons को Upper-Layer NBFC के लिए लागू नियामकीय ढांचे का पालन करने और आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। RBI ने Tata Sons की उस अपील को खारिज कर दिया था, जिसमें कंपनी ने अपना Core Investment Company registration वापस लेने की मांग की थी। इस फैसले के बाद Tata Sons के लिए सार्वजनिक लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी हो गया है।

अपने बयान में Mistry ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और institution-building पर विशेष जोर दिया। उन्होंने NITI Aayog के गठन और विकास, पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन पर जोर तथा RBI की स्वायत्तता के प्रति सरकार के रुख का उल्लेख किया। Mistry ने कहा कि मजबूत भारत के लिए मजबूत संस्थानों की आवश्यकता है और संस्थानों को कानून तथा सार्वजनिक हित के अनुरूप काम करने में सक्षम बनाना महत्वपूर्ण है।

Tata Sons की लिस्टिंग को लेकर Mistry ने कहा कि इसे केवल वित्तीय या नियामकीय मामला नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने इसे Tata Sons में पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही बढ़ाने का अवसर बताया। उनके मुताबिक, लिस्टिंग शेयरधारकों और Tata Trusts के बीच एक तरह का “bridge” बन सकती है और Tata समूह की परंपरा तथा भविष्य के बीच बेहतर तालमेल का रास्ता खोल सकती है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब Tata Sons के बोर्ड ने चेयरमैन N. Chandrasekaran के कार्यकाल को पांच साल बढ़ाने और कंपनी की लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है। हालांकि, Tata Trusts के चेयरमैन Noel Tata ने Chandrasekaran के पुनर्नियुक्ति का विरोध किया है। Tata Trusts के पास Tata Sons में करीब 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि Shapoorji Pallonji Group की हिस्सेदारी लगभग 18.37 प्रतिशत बताई जाती है।

Mistry ने कहा कि लिस्टिंग को किसी एक पक्ष की जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने Tata Sons, Tata Trusts, शेयरधारकों, कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से “harmony and shared purpose” के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि उनका समूह Tata संस्थान के साथ भविष्य में अधिक साझेदारी और बेहतर संबंधों के लिए तैयार है।

Tata Sons की लिस्टिंग का मुद्दा Shapoorji Pallonji Group के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि समूह Tata Sons में एक बड़ी अल्पांश हिस्सेदारी रखता है। Mistry का कहना है कि सार्वजनिक जवाबदेही बढ़ने से Tata Sons के मूल्य की पारदर्शिता, कॉरपोरेट गवर्नेंस और निवेशकों के हितों को मजबूती मिल सकती है। वहीं Tata Trusts की ओर से लिस्टिंग को लेकर अलग रुख सामने आया है, जिससे Tata समूह के भीतर मौजूदा बोर्डरूम विवाद और महत्वपूर्ण हो गया है।