उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना एक अहम पहल है। इस योजना के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद छात्रों को बिना फीस के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर दिया जा रहा है। योजना के तहत छात्रों को UPSC, UPPSC, UPSSSC, NEET, JEE, NDA, CDS, SSC और बैंकिंग जैसी परीक्षाओं के लिए कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य यह है कि पैसे की कमी किसी प्रतिभाशाली छात्र की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में बाधा न बने।
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की शुरुआत वर्ष 2021 में की गई थी। शुरुआत में मंडल मुख्यालयों पर निःशुल्क कोचिंग सेंटर शुरू किए गए और बाद में योजना को प्रदेश के अन्य जिलों तक विस्तार देने की दिशा में काम किया गया। छात्रों को ऑफलाइन कक्षाओं के साथ-साथ ऑनलाइन और वर्चुअल माध्यम से भी पढ़ाई की सुविधा दी जाती है। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को विषय विशेषज्ञों और अनुभवी अधिकारियों से मार्गदर्शन देने की व्यवस्था भी की गई है। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ परीक्षा की रणनीति, विषयों की समझ और बेहतर तैयारी के लिए जरूरी दिशा-निर्देश मिलते हैं।
योजना के तहत UPSC से लेकर मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं तक अलग-अलग क्षेत्रों के छात्रों को तैयारी का मौका मिलता है। खासतौर पर NEET और JEE जैसी परीक्षाओं की महंगी निजी कोचिंग का खर्च उठाना कई परिवारों के लिए मुश्किल होता है। ऐसे में सरकारी स्तर पर मिलने वाली मुफ्त कोचिंग छात्रों के लिए एक वैकल्पिक अवसर उपलब्ध कराती है। योजना का फोकस केवल कक्षाएं संचालित करने पर नहीं, बल्कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, मार्गदर्शन और प्रतियोगी माहौल उपलब्ध कराने पर भी है।
सरकार की ओर से विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना के जरिए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों को सफलता मिली है। फरवरी 2026 में दी गई जानकारी में UPPSC में 59, UPSSSC में 136 और NEET, IIT-JEE/DEEई जैसी परीक्षाओं में 771 छात्रों के चयन का उल्लेख किया गया था। इस योजना के विस्तार से प्रदेश के उन छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक कारणों से निजी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाते।





