पुणे में 21 हजार पानी पूरी से बना 13 फीट ऊंचा गणपति, अनोखी मूर्ति ने खींचा लोगों का ध्यान

गणेशोत्सव के दौरान पुणे में गणपति बप्पा की एक अनोखी मूर्ति लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। एफसी रोड स्थित गणेश भेळ आउटलेट के बाहर 13 फीट ऊंची और करीब 10 फीट चौड़ी गणेश प्रतिमा तैयार की गई है, जिसे बनाने में 21 हजार पानी पूरी की पूरियों का इस्तेमाल किया गया है। इस अनोखी मूर्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है।

इस प्रतिमा को कलाकार प्रशांत सालुंखे ने 8 से 10 कारीगरों की टीम के साथ तैयार किया है। एएनआई के मुताबिक, मूर्ति को बनाने में करीब 15 दिन लगे, जबकि अन्य रिपोर्टों में बताया गया है कि इसकी तैयारी और पूरी व्यवस्था पर करीब दो महीने से काम चल रहा था। पानी पूरी की पूरियों को एक विशेष ढांचे पर व्यवस्थित करके भगवान गणेश का आकार दिया गया है।

इस गणपति की खासियत सिर्फ 21 हजार पूरियों का इस्तेमाल नहीं है। आयोजकों के मुताबिक, मूर्ति के ढांचे में बांस और कागज जैसी प्राकृतिक और पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। पूरियों को त्योहार के दौरान सुरक्षित रखने के लिए नमी और मौसम से बचाव के भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

गणेश भेळ से जुड़े लोगों के अनुसार, पानी पूरी की पूरियों को बनाने में बचने वाले आटे का भी इस्तेमाल किया गया, ताकि खाद्य सामग्री की बर्बादी कम हो। रिपोर्टों के मुताबिक, गणेशोत्सव के बाद इन पूरियों को पानी में विसर्जित करने के बजाय जैविक खाद बनाने में इस्तेमाल करने की योजना है।

यह गणेश भेळ की लगातार चौथे साल की ऐसी पहल है, जिसमें गणपति की प्रतिमा के लिए अलग और रचनात्मक थीम चुनी गई है। इस साल पानी पूरी को आधार बनाकर तैयार की गई प्रतिमा ने पुणे के गणेशोत्सव में एक अलग पहचान बनाई है। मूर्ति एफसी रोड पर अनंत चतुर्दशी तक दर्शन के लिए रखी जाएगी।

प्रतिमा के अनावरण के दौरान ढोल-ताशा प्रस्तुति भी हुई, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग इस अनोखे गणपति को देखने पहुंचे। भक्ति, रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जोड़ने वाली यह प्रतिमा फिलहाल पुणे के गणेशोत्सव की चर्चित झलकियों में शामिल हो गई है।