माचिस की डिब्बी देने से इनकार पर खूनी झड़प, दिल्ली में 30 वर्षीय मजदूर की चाकू मारकर हत्या

दिल्ली के उत्तर-पश्चिमी इलाके में माचिस की एक डिब्बी को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद हत्या में बदल गया। पुलिस के मुताबिक, 15 सितंबर को कन्हैया नगर इलाके में एक शराब की दुकान के पास दो मजदूरों और कुछ युवकों के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ने पर दोनों पर हमला किया गया, जिसमें 30 वर्षीय भवानी की मौत हो गई, जबकि 32 वर्षीय आशा राम घायल हो गए। मामले में दो 19 वर्षीय युवकों और एक नाबालिग को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

पुलिस के अनुसार, भवानी और आशा राम से आरोपियों ने सिगरेट जलाने के लिए माचिस मांगी थी। माचिस देने से इनकार करने के बाद दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि तीनों युवकों ने पहले दोनों मजदूरों के साथ मारपीट की और इसके बाद उनमें से एक ने चाकू से हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी नरेश बहादुर उर्फ नेपाली ने कथित तौर पर चाकू से वार किया।

चाकू लगने के बाद पुलिस को घटना की सूचना दी गई। मौके पर पहुंची टीम को फुटपाथ पर खून के निशान मिले। दोनों घायलों को दीप चंद बंधु अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने भवानी को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, उसके शरीर के बाएं हिस्से में गहरा घाव था। आशा राम का इलाज किया गया और बाद में उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

घटना के बाद पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास के आरोपों में FIR दर्ज की है। पुलिस तीन संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में माचिस को लेकर हुई कहासुनी को हमले की वजह बताया गया है, हालांकि पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

भवानी और आशा राम दोनों मजदूरी करते थे। परिवार के सदस्यों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि दोनों घर से बाहर निकले थे और इसी दौरान घटना हुई। हालांकि, वे उस समय शराब की दुकान पर क्यों पहुंचे थे, इसे लेकर पुलिस और परिवार की जानकारी में अंतर सामने आया है। पुलिस अब घटनास्थल के CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ रही है।