गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर महिला बाइक सवार को कार से टक्कर मारने के मामले में पुलिस ने आरोपी ड्राइवर कल्याण सिंह बैंसला और उसके चचेरे भाई लविश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों को राजस्थान से पकड़ा गया। मामले की जांच के बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा भी जोड़ दी है। गुरुग्राम के DCP सिटी सैंडिप कुमार ने कहा कि CCTV फुटेज और पीड़िता के बयान से प्रथम दृष्टया यह सामने आया कि आरोपी ने बाइक को जानबूझकर टक्कर मारी थी और उसकी मंशा महिला को मारने की थी।
यह मामला रविवार को सामने आया था, जब शिवानी चौहान, जो सोशल मीडिया पर सिया नाम से जानी जाती हैं, अपनी Aprilia RS 457 बाइक पर कुछ अन्य बाइक सवारों के साथ गोल्फ कोर्स रोड से गुजर रही थीं। आरोप है कि एक Maruti Suzuki Ciaz कार ने उनका पीछा किया और बाद में उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद शिवानी सड़क पर गिर गईं और कुछ दूरी तक घिसटती रहीं। पूरी घटना बाइक पर लगे कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी, जिसके वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया।
पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज की विस्तृत जांच और महिला के बयान के आधार पर FIR में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के तहत हत्या के प्रयास का आरोप जोड़ा गया। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी ने घटना से पहले महिला पर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। DCP के मुताबिक, मामले में BNS की धाराएं 78 और 79 भी जोड़ी गई हैं।
पुलिस के मुताबिक, कल्याण बैंसला ने जिस कार का इस्तेमाल किया था, वह उसकी अपनी नहीं थी बल्कि उसने इसे एक दोस्त से लिया था। घटना के बाद आरोपी कथित तौर पर राजस्थान भाग गया। पुलिस ने उसकी तलाश के लिए टीमें लगाईं और मंगलवार को उसे और उसके चचेरे भाई लविश को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब दोनों से पूछताछ कर मामले में उनकी भूमिका स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बताया कि कल्याण ने कथित तौर पर हिरासत से भागने की कोशिश भी की। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, आरोपी ने पहले पेशाब करने की इच्छा जताई और इसके बाद भागने की कोशिश की, लेकिन गिरने से उसे चोट लग गई। पुलिस ने उसे दोबारा पकड़ लिया। अधिकारियों ने कहा है कि दोनों आरोपियों से अभी विस्तृत पूछताछ की जानी बाकी है।
दूसरी ओर, कल्याण बैंसला ने घटना को जानबूझकर की गई टक्कर मानने से इनकार किया है और इसे दुर्घटना बताया है। वहीं, शिवानी ने उसके दावे को खारिज करते हुए कहा है कि अगर यह महज दुर्घटना थी तो आरोपी को रुककर उनकी मदद करनी चाहिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कार में सवार लोग पहले उनका पीछा कर रहे थे और उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे।
अब पुलिस CCTV फुटेज, वायरल वीडियो, पीड़िता के बयान और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। DCP के अनुसार, पुलिस की शुरुआती जांच में आरोपी की मंशा को लेकर गंभीर संकेत मिले हैं, लेकिन हत्या के प्रयास का आरोप और घटना की पूरी परिस्थितियां अदालत में जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन रहेंगी।





