भारत में करीब 13 साल बाद Formula 1 की वापसी की उम्मीद फिर मजबूत हुई है। खेल मंत्रालय ने देश में Formula 1 और मोटरस्पोर्ट्स को दोबारा विकसित करने के लिए 10 सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता NITI Aayog के युगल किशोर जोशी करेंगे। इसका सबसे बड़ा लक्ष्य भारत में Formula 1 की वापसी की संभावनाओं का अध्ययन करना और 2028 में Indian Grand Prix आयोजित करने के लिए रोडमैप तैयार करना है।
सरकार की योजना केवल एक F1 रेस आयोजित करने तक सीमित नहीं है। टास्क फोर्स देश के पूरे मोटरस्पोर्ट्स इकोसिस्टम का आकलन करेगी। इसमें टैक्स से जुड़े मुद्दे, मौजूदा नियम-कानून, इंफ्रास्ट्रक्चर, संचालन व्यवस्था, निवेश और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मोटरस्पोर्ट्स आयोजनों के लिए जरूरी सुविधाओं की समीक्षा की जाएगी। टैक्स से जुड़े पुराने विवादों को इस बार खास तौर पर प्राथमिकता दी जा रही है।
भारत में Formula 1 की वापसी के लिए सबसे संभावित जगह ग्रेटर नोएडा का Buddh International Circuit माना जा रहा है। इसी ट्रैक पर 2011 से 2013 तक लगातार तीन Indian Grand Prix आयोजित हुए थे। तीनों रेस Red Bull के Sebastian Vettel ने जीती थीं। 2013 के बाद टैक्स और रेगुलेटरी विवादों के चलते भारतीय ग्रैंड प्रिक्स Formula 1 कैलेंडर से बाहर हो गया और फिर इसकी वापसी नहीं हो सकी।
इस बार सरकार पुराने विवादों को दोहराने से पहले ही उनका समाधान तलाशना चाहती है। टास्क फोर्स में खेल मंत्रालय के अलावा वाणिज्य और पर्यटन मंत्रालय, राजस्व विभाग के CBDT और CBIC जैसे विभागों के प्रतिनिधियों के साथ मोटरस्पोर्ट्स से जुड़े विशेषज्ञों और संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकारों तथा Buddh International Circuit और Madras International Circuit से जुड़े प्रतिनिधियों की भागीदारी भी प्रस्तावित है।Formula 1 की तरफ से भी भारत को लेकर दिलचस्पी दिखाई गई है। F1 CEO Stefano Domenicali ने भारत लौटने में “बड़ी दिलचस्पी” होने की बात कही थी, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया था कि सही प्रमोटर, साझेदारी और व्यावसायिक मॉडल तैयार करना जरूरी होगा। यानी सरकार की टास्क फोर्स बनना वापसी की दिशा में बड़ा कदम है, लेकिन इससे अभी यह तय नहीं हुआ है कि 2028 में रेस निश्चित रूप से होगी।
Buddh International Circuit के संभावित भविष्य के स्वामित्व में Adani Group की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। Reuters के अनुसार, समूह उस कंपनी को अपने नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया में है जो पहले सर्किट की मालिक थी। Karan Adani ने भी Formula 1 को भारत वापस लाने की कोशिशों में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने की बात कही है।
भारत ने जुलाई 2026 में Federation of Motor Sports Clubs of India को provisional National Sports Federation recognition भी दिया था। इससे सरकार और देश की मोटरस्पोर्ट्स संस्था के बीच समन्वय को मजबूती मिलने की उम्मीद है। F1 की वापसी के साथ-साथ सरकार देश में ड्राइवरों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए मजबूत मोटरस्पोर्ट्स पाइपलाइन तैयार करने पर भी जोर दे रही है।
अगर 2028 में Formula 1 भारत लौटता है, तो यह 2013 के बाद देश में पहला Indian Grand Prix होगा। फिलहाल रेस की वापसी आधिकारिक रूप से तय नहीं हुई है, लेकिन टास्क फोर्स का गठन इस दिशा में अब तक का सबसे ठोस सरकारी कदम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में टैक्स, इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रमोटर और Formula 1 प्रबंधन के साथ व्यावसायिक समझौते पर होने वाली प्रगति तय करेगी कि भारत वास्तव में फिर से F1 कैलेंडर में जगह बना पाता है या नहीं।





