नई दिल्ली में हुए 18वें BRICS Summit में सभी सदस्य देशों ने New Delhi Declaration 2026 को मंजूरी दे दी। 45 पन्नों और 140 बिंदुओं वाले इस दस्तावेज में दुनिया में शांति, आतंकवाद, व्यापार, अर्थव्यवस्था, AI और विकासशील देशों से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर बात की गई। BRICS देशों ने कहा कि देशों के बीच होने वाले विवादों को बातचीत और शांति के रास्ते से सुलझाया जाना चाहिए। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर भी चिंता जताई गई और सभी पक्षों से तनाव कम करने की अपील की गई।
इस बैठक में ईरान और UAE से जुड़ी एक अहम बात भी सामने आई। West Asia में तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद की मुलाकात हुई। दोनों पक्षों ने तनाव कम करने, आम लोगों की सुरक्षा, हर देश की स्वतंत्रता और समुद्र के रास्ते होने वाले व्यापार को सुरक्षित रखने जैसे मुद्दों पर सहमति जताई। इसे क्षेत्र में शांति की कोशिश के तौर पर देखा गया।
घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई और आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की बात कही गई। आतंकवाद को मिलने वाले पैसे और आतंकियों को मिलने वाली सुरक्षित जगहों को रोकने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा Gaza और West Asia में आम लोगों की स्थिति, अलग-अलग देशों के बीच चल रहे युद्ध और परमाणु हथियारों से जुड़े खतरे पर भी चिंता जताई गई। BRICS देशों ने एकतरफा tariffs और आर्थिक प्रतिबंधों पर भी चिंता जताई और कहा कि दुनिया का व्यापार ऐसा होना चाहिए जिसमें विकासशील देशों के हितों का भी ध्यान रखा जाए।
पैसों और व्यापार के मामले में BRICS देशों ने अपने-अपने देशों की करेंसी में व्यापार बढ़ाने और देशों के बीच ऑनलाइन भुगतान को आसान बनाने पर जोर दिया। साथ ही AI का सुरक्षित और सही इस्तेमाल, डिजिटल सुविधाओं, स्वास्थ्य, खेती, उद्योग और विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की बात कही गई। ऊर्जा की जरूरतों और साफ ऊर्जा की ओर बढ़ने पर भी चर्चा हुई, लेकिन विकासशील देशों की मौजूदा ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया।
कुल मिलाकर, New Delhi Declaration 2026 भारत की BRICS अध्यक्षता का एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। अलग-अलग मुद्दों पर देशों के बीच मतभेद होने के बावजूद 11 देशों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर एक साथ अपना रुख रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने शांति, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, व्यापार और विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने जैसे मुद्दों को BRICS में प्रमुखता दी।





