अमेरिका के कैलिफोर्निया में भारतीय मूल की 38 वर्षीय महिला शालिनी ठाकुर की गोली मारकर हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 22 वर्षीय रोहित रोहित ने सैक्रामेंटो के एक शॉपिंग सेंटर के बाहर शालिनी पर गोली चलाई। घटना के बाद पुलिस से घिरने पर रोहित ने कथित तौर पर खुद को भी गोली मार ली। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, रोहित भारत का नागरिक था और अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था।
जांच के अनुसार, यह हमला अचानक हुआ विवाद नहीं था, बल्कि शालिनी लंबे समय से रोहित की कथित स्टॉकिंग और उत्पीड़न का सामना कर रही थीं। अदालत में दायर दस्तावेजों के मुताबिक, शालिनी ने बताया था कि रोहित सितंबर 2025 से उनका पीछा कर रहा था और उसका व्यवहार समय के साथ लगातार गंभीर होता गया। उसने कथित तौर पर उनकी कार में ट्रैकिंग डिवाइस यानी Apple AirTag लगाया, कार के टायरों की हवा निकाली और उनके काम की जगह तक उनका पीछा किया।
शालिनी ने रोहित के खिलाफ सिविल हैरेसमेंट रिस्ट्रेनिंग ऑर्डर भी हासिल किया था, जो मई 2027 तक प्रभावी था। इसके बावजूद पुलिस के अनुसार, जुलाई में उसने कथित तौर पर आदेश का उल्लंघन किया। जांचकर्ताओं ने यह भी बताया कि रोहित ने शालिनी के अपार्टमेंट की चाबी हासिल कर उनके सोते समय घर में प्रवेश करने का प्रयास किया था। शालिनी ने अदालत में आरोप लगाया था कि रोहित उन पर शादी के लिए दबाव डाल रहा था और उन्हें दूसरे लोगों से मिलने-जुलने से रोकने की कोशिश करता था।
8 सितंबर को शालिनी जब सैक्रामेंटो के Arden-Arcade इलाके में अपने काम की जगह पहुंचीं, तभी रोहित वहां मौजूद था। अधिकारियों के मुताबिक, उसने शालिनी का सामना किया। शालिनी ने भागने की कोशिश की तो रोहित ने कथित तौर पर उनका पीछा किया और कई गोलियां चला दीं। वह जमीन पर गिर गईं, जिसके बाद भी आरोपी ने कथित तौर पर नजदीक से गोली चलाई। शालिनी की मौके पर ही मौत हो गई।घटना के बाद रोहित कार से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को Highway 50 के पास ट्रैक किया और उसे रोकने की कोशिश की। कुछ समय बाद अधिकारियों ने रोहित को उसकी गाड़ी के अंदर मृत पाया। पुलिस के मुताबिक, उसकी मौत प्रथम दृष्टया खुद को गोली मारने से हुई।
अमेरिकी Department of Homeland Security ने बताया है कि रोहित अगस्त 2023 में एरिजोना के रास्ते अमेरिका में दाखिल हुआ था और Border Patrol ने उसे हिरासत में लिया था। DHS के मुताबिक, बाद में उसे अमेरिका में छोड़ दिया गया था। हालांकि, इस मामले में आव्रजन व्यवस्था को लेकर DHS की राजनीतिक टिप्पणी अलग मुद्दा है और हत्या की जांच का मुख्य केंद्र शालिनी की कथित स्टॉकिंग और गोलीबारी है।
शालिनी की मां सुदेश कुमारी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी ने कई बार पुलिस से मदद मांगी थी, लेकिन उसे पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि उनकी बेटी की जान बचाई जा सकती थी। स्थानीय पुलिस ने बताया कि शालिनी की शिकायतों पर कार्रवाई की गई थी और रिस्ट्रेनिंग ऑर्डर भी हासिल किया गया था, लेकिन रोहित को कुछ मौकों पर तलाशने के बावजूद अधिकारी उससे संपर्क नहीं कर पाए थे।
इस घटना ने अमेरिका में स्टॉकिंग और घरेलू उत्पीड़न से जुड़े मामलों में पीड़ितों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल शालिनी की हत्या के मामले में मुख्य संदिग्ध रोहित की मौत हो चुकी है, जबकि पुलिस उसकी पिछली गतिविधियों और घटना से पहले के घटनाक्रम की जांच कर रही है।





