योगी का मिशन 2027: कमजोर सीटों पर BJP का बड़ा दांव, क्या बदलेगा चुनावी गणित?उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अभी से अपनी रणनीति तेज कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोकस अब सिर्फ मजबूत इलाकों पर नहीं, बल्कि उन सीटों पर भी है जहां पार्टी को लगातार चुनौती मिलती रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजेपी ने करीब 61 ऐसी विधानसभा सीटों को खास तौर पर चिन्हित किया है, जहां पिछले तीन विधानसभा चुनावों में पार्टी जीत दर्ज नहीं कर सकी। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ पिछले कुछ महीनों में 44 जिलों की 115 विधानसभा सीटों का दौरा कर चुके हैं और इन इलाकों में करीब 38 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास किया गया है।
बीजेपी की रणनीति सिर्फ विकास योजनाओं तक सीमित नहीं है। पार्टी कमजोर सीटों पर संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और स्थानीय समीकरणों को साधने पर भी जोर दे रही है। खास बात यह है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जिन इलाकों में समाजवादी पार्टी-कांग्रेस गठबंधन ने बढ़त बनाई थी, उनमें से कई सीटें अब बीजेपी की रणनीति के केंद्र में हैं। योगी के लगातार दौरे और सरकारी योजनाओं के जरिए इन क्षेत्रों में दोबारा पकड़ बनाने की कोशिश को इसी बड़े चुनावी प्लान का हिस्सा माना जा रहा है।
दरअसल, 2027 का चुनाव योगी सरकार के लिए सिर्फ सत्ता बचाने की लड़ाई नहीं, बल्कि यूपी में लगातार तीसरी बार बीजेपी सरकार बनाने की बड़ी चुनौती भी है। 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को राज्य में बड़ा झटका लगा था, इसलिए पार्टी अब उन कमजोर कड़ियों को पहले से मजबूत करना चाहती है। इसी वजह से ‘मिशन 2027’ में कमजोर सीटों पर सीधा फोकस दिखाई दे रहा है। अब देखना यह होगा कि योगी का यह विकास, संगठन और बूथ-स्तर का मॉडल क्या 2027 में उन सीटों पर बीजेपी का चुनावी गणित बदल पाता है, जहां पार्टी लंबे समय से विपक्ष के मुकाबले पीछे रही है।




