कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता और पूर्व स्वतंत्र जांच पत्रकार सौरव दास ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) तथा केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए एक बड़ा राजनीतिक दावा किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साझा की गई अपनी पोस्ट और मीडिया बयानों में सौरव दास ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री वर्तमान में पार्टी की आंतरिक कार्यशैली तथा नीतियों से गहरे असंतुष्ट और नाराज हैं। हालाँकि, वे चाहकर भी पार्टी से इस्तीफा नहीं दे पा रहे हैं और न ही बाहर निकलने का कदम उठा पा रहे हैं, क्योंकि उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और आयकर विभाग (IT) जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों की संभावित दंडात्मक कार्रवाइयों का सीधा डर है।
सौरव दास ने दावा किया कि उनके पास केंद्रीय प्रतिष्ठान के विश्वसनीय स्रोतों से यह जानकारी है कि प्रस्तावित केंद्रीय मंत्रिमंडल फेरबदल में लगातार हो रही देरी के पीछे का मुख्य कारण भी यही अंदरूनी असंतोष और बगावत का माहौल है। उनके अनुसार, शीर्ष नेतृत्व नए राजनीतिक चेहरों और अन्य दलों से आए नेताओं को जगह देने के लिए कुछ मौजूदा मंत्रियों से पदों से इस्तीफा देने की मांग कर रहा है, लेकिन कम से कम सात मंत्रियों ने ऐसा करने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। इन नेताओं का तर्क है कि जब उनका ट्रैक रिकॉर्ड पूरी तरह से बेदाग रहा है, तो वे किसी अन्य के लिए खुद की बलि क्यों दें। दास ने यह भी रेखांकित किया कि युवाओं और छात्रों के व्यापक जनांदोलनों के बाद अब भाजपा के अपने ही नेताओं के भीतर से नेतृत्व और एजेंसियों का भय धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है, जिससे केंद्र सरकार के भीतर एक अभूतपूर्व राजनीतिक गतिरोध की स्थिति बन गई है।





