चिराग पासवान ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, नाम के कथित दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई की मांग

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भारद्वाज ने सार्वजनिक तौर पर चिराग पासवान का नाम लेकर यह दिखाने की कोशिश की कि उन्हें राजनीतिक संरक्षण हासिल है। चिराग पासवान ने इस कथित नाम के दुरुपयोग को गंभीर मामला बताते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यह विवाद उस समय सामने आया जब भारद्वाज का एक पॉडकास्ट इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें उन्होंने कथित तौर पर 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ हुई मारपीट का जिक्र किया। वीडियो में भारद्वाज कथित तौर पर हमले को लेकर शेखी बघारते और यह दावा करते सुनाई दिए कि उन्हें राजनीतिक संपर्कों के कारण पुलिस कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

भारद्वाज ने इसी बातचीत में चिराग पासवान को कथित तौर पर अपना “बड़ा भाई” बताया था। इसके बाद चिराग पासवान ने साफ किया कि वह भारद्वाज को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते और केवल किसी राजनीतिक व्यक्ति से मुलाकात हो जाने से कोई व्यक्ति उसका निजी परिचित नहीं बन जाता। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में कई लोग नेताओं से मिलते हैं, लेकिन इस आधार पर व्यक्तिगत संबंध का दावा करना गलत है।

चिराग पासवान ने कहा कि भारद्वाज द्वारा उनका नाम इस तरह इस्तेमाल किए जाने से यह धारणा बनाने की कोशिश हुई कि आरोपी को उनकी या उनकी पार्टी की राजनीतिक मदद हासिल है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में कार्रवाई न होना समाज के लिए गलत उदाहरण स्थापित कर सकता है। चिराग ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की अपील की है।

लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने भी संसद पुलिस थाने में शिकायत देकर स्पष्ट किया है कि पार्टी या चिराग पासवान का भारद्वाज से किसी तरह का संबंध नहीं है। पार्टी ने पुलिस से भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज करने और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि चिराग पासवान के नाम का इस्तेमाल कथित तौर पर राजनीतिक संरक्षण का भ्रम पैदा करने के लिए किया गया।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर हुई मारपीट के मामले में भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। पुलिस पहले ही इस बात से इनकार कर चुकी है कि मामले में किसी राजनीतिक दबाव के कारण कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस के मुताबिक, घटना की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई और आरोपियों के खिलाफ आगे चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर की घटना में संजय कुमार को सिर में चोट लगी थी। हालांकि, पुलिस ने सोशल मीडिया पर किए गए गंभीर चोटों के कुछ दावों पर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार चोट की प्रकृति वायरल दावों से अलग थी। ऐसे में घटना को लेकर भारद्वाज के इंटरव्यू में किए गए दावों और वास्तविक मेडिकल तथा पुलिस रिकॉर्ड के बीच अंतर की भी जांच की जा रही है।चिराग पासवान ने इस पूरे मामले में निशु आजाद और उनके परिवार के प्रति समर्थन जताया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेगी कि मामले की सच्चाई सामने आए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई हो।

फिलहाल मामला दो स्तरों पर आगे बढ़ रहा है—एक तरफ जंतर-मंतर पर कथित मारपीट की जांच और दूसरी तरफ चिराग पासवान के नाम के कथित दुरुपयोग की शिकायत। अब दिल्ली पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि भारद्वाज ने राजनीतिक संरक्षण का दावा किस आधार पर किया था और क्या उनके खिलाफ नाम के कथित दुरुपयोग को लेकर अलग से कोई कानूनी कार्रवाई बनती है।