
सोशल मीडिया पर ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान के भारतीय वायुसेना छोड़कर कमर्शियल पायलट बनने के दावों से जुड़े जितने भी वायरल पोस्टर शेयर किए जा रहे हैं, वे पूरी तरह से अपुष्ट, फर्जी और भ्रामक हैं। भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय या भारतीय वायुसेना (IAF) की ओर से उनके वायुसेना से सेवानिवृत्ति लेने, इस्तीफा देने या नागरिक उड्डयन में किसी प्राइवेट/कमर्शियल एयरलाइन में शामिल होने से जुड़ी कोई भी आधिकारिक विज्ञप्ति या सूचना जारी नहीं की गई है। अभिनंदन वर्धमान भारतीय वायुसेना में अधिकारी के रूप में ग्रुप कैप्टन के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

27 फरवरी 2019 को हुए ऐतिहासिक हवाई मुकाबले में तत्कालीन विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने अपने MiG-21 बायसन विमान से पाकिस्तान एयरफोर्स के अत्याधुनिक F-16 फाइटर जेट को मार गिराया था। इस दौरान उनका खुद का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और वे सीमा पार पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में चले गए थे, जहां उन्हें बंदी बना लिया गया था। हालांकि, भारत के भारी कूटनीतिक दबाव के बाद पाकिस्तान को उन्हें 60 घंटे के भीतर वाघा बॉर्डर के जरिए सुरक्षित रिहा करना पड़ा था।
उनकी इस अदम्य वीरता, अद्वितीय संयम और साहस के सम्मान में भारत सरकार ने उन्हें देश के तीसरे सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया था और बाद में उन्हें पदोन्नत कर ग्रुप कैप्टन बनाया गया था। इंटरनेट पर ‘इंडिया नेक्स्ट न्यूज’ या अन्य स्रोतों के नाम से फैलाए जा रहे पोस्टर केवल सनसनी फैलाने वाले क्लिकबेट और फेक न्यूज का हिस्सा हैं। रक्षा विशेषज्ञों और जिम्मेदार मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके भारतीय वायुसेना छोड़ने का कोई आधार नहीं है और वे गर्व के साथ देश की सेवा में तैनात हैं।





