महाराष्ट्र के पुणे में गणेशोत्सव के दौरान तेज आवाज में DJ और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के खिलाफ अभियान चला रहे सामाजिक कार्यकर्ता विद्यानंद बापट पर कैमरे के सामने हमला करने का मामला सामने आया है। गुरुवार को तिलक रोड इलाके में एक गणेश मंडल से जुड़े व्यक्ति ने बापट को कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया और राजनीतिक नेताओं तथा सामाजिक संगठनों ने हिंसा की निंदा की।
पुलिस के मुताबिक, बापट लंबे समय से गणेशोत्सव के दौरान DJ और तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वह सार्वजनिक जगहों पर ध्वनि प्रदूषण कम करने और उत्सव के दौरान आम लोगों की परेशानी को ध्यान में रखने की मांग कर रहे थे। घटना के वक्त भी वह एक मराठी न्यूज चैनल से बातचीत कर रहे थे और इसी दौरान आरोपी ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की।
पुलिस ने आरोपी की पहचान संतोष चव्हाण के रूप में की है। वह पुणे के कोथरुड इलाके का रहने वाला और एक निर्माण व्यवसाय से जुड़ा बताया गया है। पुलिस के अनुसार, वह पहले प्रियदर्शिनी गणेश मंडल का अध्यक्ष रह चुका है। CCTV फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने उसकी पहचान की और उसे गिरफ्तार किया। हालांकि, वर्तमान मामले में उसके खिलाफ दर्ज धाराओं और उसकी कथित आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ी सभी जानकारियों की जांच अभी जारी है।हमले के बाद चव्हाण ने कथित तौर पर मीडिया से बात करते हुए अपने कृत्य को सही ठहराने की कोशिश की। उसने कहा कि बापट गणेशोत्सव के बारे में ‘गलत’ बोल रहे थे और इसी वजह से उसने उन्हें मारा। रिपोर्टों के मुताबिक, उसने यह भी कहा कि जो लोग पुणे में गणेशोत्सव के खिलाफ बोलेंगे, उनके साथ इसी तरह व्यवहार किया जाएगा। बाद में सामने आए एक वीडियो में उसने तेज आवाज से लोगों को होने वाली परेशानी को स्वीकार करते हुए सीमित आवाज में साउंड सिस्टम इस्तेमाल करने की बात कही।
बापट ने हमले के बाद कहा कि उन्हें गणेशोत्सव से कोई आपत्ति नहीं है। उनका कहना है कि सार्वजनिक रूप से त्योहार मनाते समय इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए कि ध्वनि प्रदूषण न हो और यातायात बाधित न हो। उन्होंने आरोप लगाया कि हमला प्रचार पाने के उद्देश्य से किया गया और पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई है।घटना पर पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को अपनी राय रखने के लिए हिंसा का सामना नहीं करना चाहिए। पुलिस के मुताबिक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसका बयान दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संवैधानिक अधिकार है और किसी की राय से असहमति होने पर हिंसा का सहारा नहीं लिया जा सकता।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की राय के कारण उसके खिलाफ हिंसा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की जानकारी देते हुए गणेश मंडलों और नागरिकों से पारंपरिक तरीके से शांतिपूर्ण ढंग से गणेशोत्सव मनाने की अपील की। बीजेपी सांसद मेधा कुलकर्णी ने भी घटना की आलोचना की।
हमले के विरोध में NCP (SP) के कार्यकर्ताओं ने पुणे पुलिस कमिश्नरेट के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी विधायक रोहित पवार ने कहा कि बापट की राय से असहमति रखने वालों को उनके साथ बहस या संवाद करना चाहिए था, न कि हिंसा का सहारा लेना चाहिए। इस बीच, हिंदू सेवा संघ की ओर से भी बापट के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे गणेशोत्सव में तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम के इस्तेमाल को लेकर विवाद और बढ़ गया है।
मामले ने गणेशोत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण, धार्मिक उत्सवों के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। जहां गणेश मंडल अपने उत्सव और परंपराओं की रक्षा की बात कर रहे हैं, वहीं सामाजिक कार्यकर्ता नियमों के पालन और आम लोगों की सुविधा का मुद्दा उठा रहे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह तय किया जाना बाकी है कि घटना में कानून के तहत आगे क्या कार्रवाई होती है।





