मुंबई से सटे नवी मुंबई के कामोठे इलाके में तीन साल की मासूम बच्ची के साथ स्कूल बस के अंदर कथित यौन शोषण का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने 30 वर्षीय निजी स्कूल बस ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बुधवार दोपहर बच्चों को घर छोड़ने के दौरान जब बाकी सभी छात्र अपने-अपने घरों पर उतर गए और बच्ची बस में अकेली रह गई, तभी आरोपी ने कथित तौर पर उसका यौन शोषण किया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक निजी बस चलाता था, जिसे स्थानीय किंडरगार्टन और प्राइमरी स्कूल के बच्चों को लाने-ले जाने के लिए लगाया गया था। बुधवार को करीब दोपहर 12:30 बजे वह बच्चों को स्कूल से उनके घर छोड़ने के लिए निकला था। रास्ते में एक-एक कर सभी बच्चे उतरते गए। जब तीन साल की बच्ची बस में अकेली रह गई, तब आरोपी ने कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया।मामला तब सामने आया जब बच्ची घर पहुंचने के बाद पेट में दर्द की शिकायत करने लगी। जब उसकी दादी ने उससे पूछा कि क्या हुआ है, तो बच्ची ने कथित तौर पर ‘ड्राइवर अंकल’ के बारे में बताया और कहा कि उसने बस के अंदर उसके साथ गलत व्यवहार किया। बच्ची की बात सुनकर परिवार ने तुरंत स्कूल प्रबंधन को जानकारी दी और फिर पुलिस से संपर्क किया।
परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया। पुलिस के अनुसार, मेडिकल जांच में यौन शोषण की पुष्टि हुई, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की नाबालिग से बलात्कार से संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की है।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को गुरुवार को पनवेल की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे शनिवार तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने वारदात को कैसे अंजाम दिया और स्कूल बस में बच्चों की सुरक्षा के लिए उस समय कौन-कौन से इंतजाम मौजूद थे।
पुलिस ने यह भी कहा है कि स्कूल प्रबंधन और संबंधित कर्मचारियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच का एक अहम पहलू यह भी होगा कि बस में बच्चों की निगरानी की व्यवस्था क्या थी और बच्ची के अकेले रह जाने के बाद उसे सुरक्षित तरीके से घर पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी थी।इस घटना ने स्कूल बसों में छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तीन-चार साल की उम्र के बच्चों को अकेले बस में छोड़ने की स्थिति कैसे बनी, इसकी जांच जरूरी है। मामले में आरोपी पर लगे आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं, लेकिन घटना ने अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। पुलिस की जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया से पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।





