दिल्ली में 80 लाख के सोने के लालच में 60 वर्षीय रिश्तेदार की हत्या, भतीजी ने रची साजिश; बदमाशों को नहीं मिला सोना

दिल्ली के रोहिणी से रिश्तों को शर्मसार करने वाला हत्या और लूट का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, 60 वर्षीय राकेश खन्ना की कथित तौर पर उनके ही परिवार की एक रिश्तेदार 23 वर्षीय सिमरन तनेजा ने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। आरोप है कि सिमरन को पता था कि राकेश ने हाल ही में प्रॉपर्टी बेचकर करीब 75-80 लाख रुपये हासिल किए थे और उस रकम से सोना खरीदकर घर में छिपाकर रखा था। इसी सोने को लूटने के लिए पूरी साजिश रची गई।

पुलिस के अनुसार, राकेश खन्ना रोहिणी सेक्टर-3 में अपनी पत्नी के साथ रहते थे और उन्हें हृदय संबंधी बीमारी थी। सिमरन को परिवार की दिनचर्या और राकेश के घर में मौजूद संपत्ति की जानकारी थी। आरोप है कि उसने अपने जिम संचालक प्रेमी हिमांशु और दो अन्य युवकों—चिराग और पारस—को इस साजिश में शामिल किया। पुलिस को जांच के दौरान 30 अगस्त का CCTV फुटेज भी मिला, जिसमें आरोपियों के घर की रेकी करने की बात सामने आई।वारदात वाले दिन सिमरन ने कथित तौर पर अपनी मौसी यानी राकेश की पत्नी और अन्य रिश्तेदारों को स्थानीय मेले में जाने के लिए तैयार किया। इससे राकेश घर में अकेले रह गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को उम्मीद थी कि घर खाली रहेगा, लेकिन राकेश ने अपनी तबीयत खराब होने के कारण मेले में जाने का कार्यक्रम आखिरी समय पर रद्द कर दिया था। इसके बावजूद साजिश को अंजाम दिया गया।पुलिस के मुताबिक, शाम करीब 7:30 बजे आरोपी घर में दाखिल हुए। सिमरन और हिमांशु कथित तौर पर बाहर निगरानी कर रहे थे, जबकि चिराग और पारस अंदर गए। राकेश के घर में मौजूद होने का पता चलने के बाद दोनों ने कथित तौर पर उन्हें काबू कर लिया और दम घोंटकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद घर की अलमारियों और दराजों को खंगाला गया।

लेकिन लूट की पूरी योजना यहीं विफल हो गई। आरोपियों को जिस करीब 80 लाख रुपये के सोने की तलाश थी, वह उन्हें नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, राकेश ने सोना इतनी सावधानी से छिपाकर रखा था कि परिवार के अन्य सदस्यों को भी उसकी सही जगह की जानकारी नहीं थी। बदमाशों को घर से करीब 1.5 लाख रुपये नकद और कुछ आभूषण ही मिले, जिन्हें लेकर वे फरार हो गए।

राकेश की पत्नी जब मेले से करीब 8:15 बजे घर लौटीं तो उन्होंने घर को अस्त-व्यस्त पाया और राकेश को कमरे में बेसुध पड़ा देखा। परिवार ने पुलिस को सूचना दी। राकेश को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में मामला लूट के दौरान हत्या का लगा, लेकिन पुलिस की जांच कुछ ही घंटों में साजिश की ओर मुड़ गई।

पुलिस ने CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल रिकॉर्ड की मदद से संदिग्धों तक पहुंच बनाई। जांच के दौरान सिमरन की गतिविधियां भी पुलिस के संदेह के घेरे में आईं। पुलिस के मुताबिक, वह वारदात के बाद भी घटनास्थल के आसपास नजर आई और पुलिस की कार्रवाई पर नजर रख रही थी। पूछताछ में उसके बयानों में कथित विरोधाभास मिलने के बाद जांचकर्ताओं ने उसके कॉल रिकॉर्ड और WhatsApp गतिविधियों की भी पड़ताल की।मामले में पुलिस ने सिमरन, चिराग और पारस को गिरफ्तार कर लिया है। हिमांशु की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने चोरी की रकम में से करीब 70 हजार रुपये और कुछ आभूषण बरामद करने की जानकारी दी है। आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि राकेश ने सोना आखिर कहां छिपाया था और आरोपियों को उसकी जानकारी कैसे मिली। साथ ही हत्या और लूट की साजिश में प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच की जा रही है। इस मामले ने यह भी दिखाया है कि कथित तौर पर संपत्ति की जानकारी रखने वाले किसी करीबी व्यक्ति ने किस तरह परिवार के भरोसे का फायदा उठाकर एक बुजुर्ग की जान ले ली।