यूपी में शिक्षक की कथित पिटाई के 10 दिन बाद 8वीं की छात्रा की मौत, हाथ मरोड़ने का आरोप

उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में 13 वर्षीय कक्षा 8 की छात्रा की शिक्षक द्वारा कथित तौर पर पिटाई किए जाने के 10 दिन बाद अस्पताल में मौत हो गई। मृतका की पहचान क्षमा दीक्षित के रूप में हुई है। वह भरखनी विकासखंड के संविलियन विद्यालय सहुआपुर में पढ़ती थी। घटना के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक और संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया है।

परिवार के मुताबिक, 20 अगस्त को क्षमा स्कूल में परीक्षा देने गई थी। परीक्षा के दौरान उसका एक सहपाठी छात्रा से विवाद हो गया। आरोप है कि क्षमा जब इसकी शिकायत शिक्षक से करने पहुंची, तो उसकी बात सुनने के बजाय शिक्षक ने उसके साथ मारपीट की और उसका हाथ कथित तौर पर बुरी तरह मरोड़ दिया। परिवार का दावा है कि इस घटना में उसके हाथ में गंभीर चोट आई और अंदरूनी ऊतक तथा नसों को नुकसान पहुंचा।

घर लौटने के बाद क्षमा की हालत खराब थी। परिजनों ने पहले स्थानीय स्तर पर उसका इलाज कराया, लेकिन चोट गंभीर होने के कारण उसे फर्रुखाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ती गई और 30 अगस्त की शाम उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि इलाज के लिए उन्हें आर्थिक परेशानियों के बीच कर्ज तक लेना पड़ा।

मामला सामने आने के बाद छात्रा से जुड़ा एक कथित वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह अस्पताल में अपने साथ हुई घटना के बारे में बता रही थी। बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने वीडियो और घटना की जांच की। विभाग के मुताबिक, 20 अगस्त को शिक्षक द्वारा छात्रा के साथ मारपीट किए जाने की पुष्टि हुई है। इसके बाद प्रभारी प्रधानाध्यापक अक्षय सिंह यादव और कक्षा शिक्षक राजेंद्र गंगवार को निलंबित कर दिया गया।

छात्रा के पिता की शिकायत पर पुलिस ने प्रधानाध्यापक, संबंधित शिक्षक और एक नाबालिग सहपाठी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोप गैर इरादतन हत्या से संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं। मामले की जांच जारी है और पुलिस घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों तथा गवाहों के बयान भी जुटा रही है।

छात्रा के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट यह स्पष्ट करने में अहम होगी कि उसकी मौत का चिकित्सकीय कारण क्या था और चोटों का उसकी हालत बिगड़ने तथा मौत से क्या संबंध था। फिलहाल पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों स्तर पर जांच जारी है।

इस घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, शिकायतों पर शिक्षकों की जिम्मेदारी और छात्रों के साथ शारीरिक हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।