‘संत रविदास शुरुआत हैं’ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सामाजिक समरसता पर दिया जोर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत रविदास की जयंती और उनके 650वें प्रकाश पर्व से जुड़े कार्यक्रम में कहा कि संत रविदास केवल एक संत नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, समानता और जनकल्याण की शुरुआत हैं। उन्होंने कहा कि संत रविदास के विचार आज भी समाज को जोड़ने और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देते हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवन और संदेश के माध्यम से जाति, भेदभाव और ऊंच-नीच के विरुद्ध समाज को नई दिशा दी। उनके बताए मार्ग पर चलकर एक ऐसे समाज का निर्माण किया जा सकता है, जहां हर व्यक्ति को सम्मान और समान अवसर मिले। उन्होंने कहा कि संत रविदास का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना सदियों पहले था।


योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और गरीबों के उत्थान का लक्ष्य संत रविदास की शिक्षाओं से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संत रविदास की जन्मस्थली और उनसे जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार महापुरुषों की विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक उनके विचार पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हाल ही में उत्तर प्रदेश सरकार ने भदोही जिले का नाम फिर से संत रविदास नगर करने का भी निर्णय लिया, जिसे मुख्यमंत्री ने संत रविदास के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया।


मुख्यमंत्री ने लोगों से संत रविदास के आदर्शों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज को बांटने वाली ताकतों से सावधान रहने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, संत रविदास का जीवन प्रेम, समानता, सेवा और सामाजिक एकता का संदेश देता है, जो आज भी देश के लिए मार्गदर्शक है।


कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संत रविदास के भजनों और शिक्षाओं का स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि समाज उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाए, तो एक समरस, विकसित और मजबूत भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने सभी से संत रविदास के बताए मार्ग पर चलने और सामाजिक सौहार्द को मजबूत बनाने का आह्वान किया।