PoK प्रदर्शनकारियों को भारत जैसा दुश्मन बताया, बातचीत से किया इनकार; पाक रक्षा मंत्री के बयान पर बढ़ा विवाद

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के एक बयान ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक स्थानीय टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में आसिफ ने कहा कि वह PoK के प्रदर्शनकारियों को “भारत की तरह पाकिस्तान का दुश्मन” मानते हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार की बातचीत की कोई संभावना नहीं है। उनके इस बयान के बाद पाकिस्तान की सरकार की रणनीति और प्रदर्शनकारियों के प्रति उसके रवैये पर सवाल उठने लगे हैं।

यह बयान ऐसे समय आया है जब PoK में चुनाव, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अन्य स्थानीय मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी हैं। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में कई लोगों की मौत हुई है तथा अनेक अन्य घायल हुए हैं। मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए गए हैं और स्वतंत्र रूप से सभी आंकड़ों की पुष्टि नहीं हो सकी है।

प्रदर्शनकारी समूहों का आरोप है कि सुरक्षा बलों ने शांतिपूर्ण मार्च के दौरान बल प्रयोग किया, जबकि पाकिस्तान सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई। ख्वाजा आसिफ ने अपने बयान में स्पष्ट कहा कि सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ वार्ता नहीं करेगी और उन्हें पाकिस्तान के विरोधी तत्वों की श्रेणी में देखती है।

इस घटनाक्रम के बाद मानवाधिकार संगठनों ने हिंसा की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी PoK की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता व्यक्त की गई है।

उधर, भारत ने भी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हो रहे घटनाक्रम और वहां कराए जा रहे चुनावों पर अपनी आपत्तियां दोहराई हैं। भारत का आधिकारिक रुख है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के वे क्षेत्र, जो वर्तमान में पाकिस्तान के नियंत्रण में हैं, भारत का अभिन्न अंग हैं।