नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध कोयला कारोबार और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देश के विभिन्न राज्यों में 20 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई अवैध खनन से अर्जित धन के लेन-देन और उससे जुड़े वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत की गई।
सूत्रों के अनुसार, ED की टीम ने अवैध कोयला कारोबार से जुड़े कई कारोबारियों, उनके सहयोगियों और कथित शेल कंपनियों के परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। जांच एजेंसी का मानना है कि अवैध खनन से प्राप्त रकम को विभिन्न माध्यमों से वैध दिखाने की कोशिश की गई थी। इसी कड़ी में दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, बैंक खातों से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जांच एजेंसी के कब्जे में आए हैं। इनकी जांच के बाद मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। ED यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अवैध कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल किन-किन क्षेत्रों में किया गया और इसमें किन लोगों की भूमिका रही।
जांच एजेंसी की यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देश के कई हिस्सों में अवैध खनन और उससे जुड़े आर्थिक अपराधों पर सख्ती बढ़ाई जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में ED और अन्य केंद्रीय एजेंसियों ने अवैध खनन से जुड़े कई मामलों में कार्रवाई की है।
हालांकि, छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ है और किन लोगों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई होगी, इस संबंध में ED की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद एजेंसी आगे की कार्रवाई करेगी।
फिलहाल, ED की इस ताबड़तोड़ छापेमारी को अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।




