झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर से निकलकर इंफोसिस के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचने वाले अशिष कुमार दाश आज देशभर के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। इंफोसिस ने उन्हें अपना CEO-डिज़ाइनेट नियुक्त किया है और वे 1 अप्रैल 2027 से कंपनी के प्रबंध निदेशक (MD) और CEO का पद संभालेंगे। वे मौजूदा CEO सलिल पारेख का स्थान लेंगे।
अशिष कुमार दाश ने अपनी शुरुआती शिक्षा झारखंड में प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और आगे चलकर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ग्लोबल लीडरशिप प्रोग्राम में भी भाग लिया। उन्होंने करीब तीन दशक पहले इंफोसिस में अपने करियर की शुरुआत की और लगातार मेहनत, तकनीकी दक्षता तथा नेतृत्व क्षमता के दम पर कंपनी में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
वर्तमान में वे इंफोसिस में ग्लोबल हेड के रूप में ऊर्जा, यूटिलिटी, संसाधन और एंटरप्राइज सस्टेनेबिलिटी जैसे बड़े व्यवसायों का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने दुनिया की कई बड़ी कंपनियों के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट्स का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित समाधानों को बढ़ावा देने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
CEO-डिज़ाइनेट बनने के बाद अशिष कुमार दाश ने कहा कि AI आने वाले समय में कारोबार की दिशा बदलने वाला है और इंफोसिस इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनका लक्ष्य नवाचार को गति देना, ग्राहकों को बेहतर तकनीकी समाधान देना और कंपनी की वैश्विक स्थिति को और मजबूत बनाना है।
झारखंड के एक छोटे से कस्बे से निकलकर देश की अग्रणी आईटी कंपनी के सर्वोच्च पद तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा, मेहनत और निरंतर सीखने की इच्छा किसी भी व्यक्ति को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है। अशिष कुमार दाश की कहानी लाखों युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देती है।




