दिल्ली में सौरव दास और आशुतोष रांका को एक बार फिर हिरासत में ले लिया गया। दोनों मंगलवार को रोक के बावजूद जंतर-मंतर पहुंच गए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर कार्रवाई की। यह मामला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों व कुछ संगठनों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है।
सौरव दास और आशुतोष रांका मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और इस प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।
जंतर-मंतर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित प्रमुख स्थानों में से एक है। यहां प्रदर्शन करने के लिए प्रशासन के नियमों और अनुमति से जुड़ी शर्तों का पालन करना जरूरी होता है। बताया गया कि प्रदर्शन पर रोक के बावजूद सौरव दास और आशुतोष रांका वहां पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद विरोध प्रदर्शन को लेकर स्थिति एक बार फिर चर्चा में आ गई।
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। विपक्षी दल और प्रदर्शनकारी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग की भूमिका और उसकी निष्पक्षता को लेकर अलग-अलग राजनीतिक बयान सामने आ रहे हैं। जंतर-मंतर पर हुई इस कार्रवाई ने विरोध प्रदर्शन के अधिकार और प्रशासनिक पाबंदियों को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी है।





