सऊदी-UAE तलाश रहे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का विकल्प, भारतीय कंपनी EIL को मिल सकता है बड़ा प्रोजेक्ट

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अब तेल की सप्लाई के लिए वैकल्पिक रास्तों पर तेजी से काम करने की तैयारी में हैं। दोनों देश ऐसे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना चाहते हैं, जिससे कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम की जा सके। इसी योजना में भारत की सरकारी कंपनी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) को भी बड़ा प्रोजेक्ट मिलने की संभावना है।

EIL की सऊदी अरब और UAE के साथ शुरुआती स्तर पर बातचीत चल रही है। कंपनी संभावित परियोजनाओं में इंजीनियरिंग, कंसल्टेंसी और फिजिबिलिटी स्टडी जैसी सेवाएं देने की तैयारी कर रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, पाइपलाइन, तेल भंडारण और टर्मिनल से जुड़े इन प्रोजेक्ट्स पर करीब 1 अरब डॉलर तक का निवेश हो सकता है। परियोजनाओं को पूरा होने में लगभग दो से तीन साल का समय लग सकता है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। इस रास्ते से हर दिन बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद गुजरते हैं। ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव या सप्लाई में बाधा वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर डाल सकती है। सऊदी अरब के पास रेड सी की ओर जाने वाली पाइपलाइन और UAE के पास फुजैरा तक जाने वाली पाइपलाइन पहले से मौजूद हैं। अब दोनों देश इन वैकल्पिक रास्तों की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान दे रहे हैं।

EIL के लिए यह संभावित प्रोजेक्ट अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी मौजूदगी बढ़ाने का एक बड़ा अवसर हो सकता है। कंपनी पहले से ही सऊदी अरब में काम कर रही है और वहां ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े प्रोजेक्ट्स का अनुभव रखती है। हालांकि, अभी इन परियोजनाओं को लेकर अंतिम ठेका तय नहीं हुआ है। आगे की बातचीत और परियोजनाओं के अंतिम स्वरूप के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि EIL को कितना काम मिलता है।

अगर यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है, तो इससे न सिर्फ सऊदी अरब और UAE को तेल सप्लाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिल सकती है, बल्कि भारतीय इंजीनियरिंग कंपनी EIL को खाड़ी क्षेत्र में अपने कारोबार को और विस्तार देने का महत्वपूर्ण मौका भी मिल सकता है।