संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी, परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर सरकार की नजर

केंद्र सरकार अक्टूबर के आखिर में संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है। इस सत्र में परिसीमन और महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयकों को दोबारा पेश किया जा सकता है। 16 अक्टूबर 2026 को सामने आई जानकारी के मुताबिक, सरकार को भरोसा है कि इस बार वह लोकसभा में जरूरी समर्थन जुटा सकती है। हालांकि, अभी सत्र की तारीखों की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

परिसीमन का मतलब लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं और सीटों की संख्या में बदलाव करना है। वहीं, महिला आरक्षण कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। साल 2023 में महिला आरक्षण कानून पारित हुआ था, लेकिन इसे लागू करने की प्रक्रिया परिसीमन और संबंधित संवैधानिक प्रावधानों से जुड़ी हुई है। सरकार अब इन बदलावों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

इससे पहले 17 अप्रैल 2026 को बजट सत्र के दौरान परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लोकसभा में जरूरी समर्थन नहीं मिल पाया था। संविधान संशोधन विधेयक पारित करने के लिए विशेष बहुमत की जरूरत होती है। उस समय सरकार यह बहुमत हासिल नहीं कर सकी थी। अब सरकार दोबारा विधेयक लाकर इसे पारित कराने की कोशिश में है।

सूत्रों के मुताबिक, सरकार समर्थन जुटाने के लिए डीएमके और कुछ छोटे विपक्षी दलों से बातचीत कर रही है। सरकार का मानना है कि इन दलों का समर्थन मिलने से विधेयक पारित कराने की राह आसान हो सकती है। हालांकि, परिसीमन को लेकर कुछ विपक्षी दलों की चिंताएं भी हैं। खासकर दक्षिण भारत के राज्यों को आशंका है कि आबादी के आधार पर सीटों में बदलाव होने से संसद में उनका प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है।

संसद का मानसून सत्र 13 अगस्त को समाप्त हुआ था, लेकिन उसका औपचारिक सत्रावसान नहीं हुआ है। इसी वजह से विशेष सत्र बुलाने का विकल्प खुला हुआ है। सूत्रों के अनुसार, सत्र की तारीख तय करते समय 26 और 27 अक्टूबर को होने वाले ब्रिक्स संसदीय मंच के कार्यक्रम को भी ध्यान में रखा जा रहा है। फिलहाल सरकार की योजना इन विधेयकों पर आगे बढ़ने और जरूरी समर्थन जुटाने की है।