रामपुर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की वरिष्ठ सपा नेता आजम खान से मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। रामपुर पहुंचकर अखिलेश यादव ने आजम खान से मुलाकात की और उनके परिवार से भी बातचीत की। इस मुलाकात के बाद आजम खान की पत्नी तंजीन फातिमा ने दोनों नेताओं के रिश्ते को पारिवारिक बताते हुए कहा कि अखिलेश यादव को आजम खान अपनी औलाद की तरह मानते हैं। उनके इस बयान को दोनों नेताओं के बीच संबंधों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तंजीन फातिमा के मुताबिक, अखिलेश यादव के साथ उनकी बातचीत पारिवारिक थी। इस दौरान परिवार की परिस्थितियों और उनसे जुड़ी परेशानियों पर चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुलाकात में टिकट या चुनाव से संबंधित कोई बातचीत नहीं हुई। उनके अनुसार, आजम खान और अखिलेश यादव के बीच संबंध केवल राजनीतिक नहीं हैं, बल्कि उनमें भावनात्मक जुड़ाव भी है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में टिकट देने का फैसला पार्टी अपनी रणनीति और परिस्थितियों के अनुसार करेगी।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह मुलाकात राजनीतिक रूप से भी अहम मानी जा रही है। पिछले कुछ समय से आजम खान और समाजवादी पार्टी के नेतृत्व के बीच संबंधों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही थीं। ऐसे में अखिलेश यादव का रामपुर पहुंचना और आजम खान के परिवार से मुलाकात करना महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। तंजीन फातिमा के बयान से यह संदेश देने की कोशिश भी दिखाई देती है कि दोनों नेताओं के बीच रिश्ते को केवल राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने भी आजम खान के साथ अपने भावनात्मक संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने आजम खान के प्रति समर्थन जताया और उनके परिवार के साथ अन्याय होने का आरोप लगाते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा। अखिलेश ने यह भी संकेत दिया कि आजम खान ने चुनाव को लेकर कुछ सुझाव दिए हैं, जिन पर उन्होंने विचार किया है। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में मुलाकात के संभावित असर को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
वहीं, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के आजम खान के परिवार को लेकर दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया मांगने पर तंजीन फातिमा ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने ओवैसी के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उनके बयानों पर कुछ भी कहने से परहेज किया।
कुल मिलाकर, अखिलेश यादव की रामपुर यात्रा और तंजीन फातिमा का बयान समाजवादी पार्टी की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर इस मुलाकात को दोनों नेताओं के संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। हालांकि, तंजीन फातिमा ने साफ किया कि मुलाकात का मुख्य उद्देश्य पारिवारिक बातचीत था, न कि टिकट या चुनाव पर चर्चा करना।





