मुकेश अंबानी से मिलने जामनगर क्यों पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, तेल और ऊर्जा सहयोग पर नजर

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का गुजरात के जामनगर दौरा भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा और कारोबारी सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। 21 अक्टूबर 2026 को रुबियो ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और अनंत अंबानी से मुलाकात की। इस दौरान वैश्विक ऊर्जा बाजार, तेल की आपूर्ति, नई ऊर्जा तकनीक, डेटा सेंटर और दोनों देशों की कंपनियों के बीच कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

रुबियो के जामनगर दौरे की सबसे बड़ी वजह यहां स्थित रिलायंस की विशाल तेल रिफाइनरी है। यह दुनिया का सबसे बड़ा एक ही स्थान पर स्थित रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स है, जिसकी कुल क्षमता करीब 14 लाख बैरल कच्चे तेल को प्रतिदिन प्रोसेस करने की है। यहां कच्चे तेल से पेट्रोल, डीजल और दूसरे पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इस रिफाइनरी की खासियत यह है कि यह भारी और अधिक सल्फर वाले कच्चे तेल को भी प्रोसेस कर सकती है। इसी वजह से अमेरिका की नजर इस रिफाइनिंग क्षमता पर है।

इस दौरे का एक अहम मुद्दा वेनेजुएला का कच्चा तेल भी रहा। अमेरिका चाहता है कि वेनेजुएला में तेल उत्पादन बढ़ने पर उसके तेल को प्रोसेस करने और वैश्विक बाजार में पहुंचाने के रास्ते मजबूत हों। रुबियो ने रिलायंस से वेनेजुएला के तेल की अधिक मात्रा को भारतीय रिफाइनरियों में प्रोसेस करने की संभावनाओं पर बातचीत की। रिलायंस पहले से ही वेनेजुएला के तेल का प्रमुख खरीदार रहा है। हालांकि, इस संबंध में किसी नए अंतिम समझौते की घोषणा नहीं हुई।

भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग बढ़ाना भी इस बैठक का महत्वपूर्ण उद्देश्य था। अमेरिका भारत को अमेरिकी ऊर्जा उत्पादों का अधिक खरीदार बनाने और दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने में रुचि रखता है। वहीं, भारत के लिए ऊर्जा की भरोसेमंद आपूर्ति और किफायती कीमतें महत्वपूर्ण हैं। बैठक में रिलायंस की अमेरिका में प्रस्तावित नई रिफाइनरी परियोजना और अमेरिकी कंपनियों के साथ संभावित कारोबारी सहयोग को भी अहम माना जा रहा है।

रुबियो ने रिलायंस की नई ऊर्जा परियोजनाओं और डेटा सेंटर से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी ली। इन परियोजनाओं के जरिए कंपनी पारंपरिक तेल कारोबार के साथ स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश कर रही है। डेटा सेंटर और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के लिए भरोसेमंद बिजली आपूर्ति महत्वपूर्ण है। ऐसे में ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।

कुल मिलाकर, मार्को रुबियो का जामनगर दौरा केवल एक उद्योगपति से मुलाकात तक सीमित नहीं था। इसके जरिए अमेरिका ने भारत की विशाल रिफाइनिंग क्षमता, ऊर्जा बाजार और निवेश की संभावनाओं के साथ सहयोग बढ़ाने में दिलचस्पी दिखाई। आने वाले समय में इन चर्चाओं का क्या परिणाम निकलता है, यह आगे होने वाले समझौतों और दोनों देशों के फैसलों पर निर्भर करेगा।