उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान परिषद चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने वाराणसी से अपने प्रत्याशियों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने वाराणसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से केदारनाथ सिंह और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. प्रमोद मिश्र को उम्मीदवार बनाया है। दोनों नामों के ऐलान के साथ ही वाराणसी में एमएलसी चुनाव की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
केदारनाथ सिंह वाराणसी खंड स्नातक सीट से तीन बार एमएलसी रह चुके हैं। उन्होंने 2004 के उपचुनाव में पहली बार जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2008 और 2014 में भी उन्होंने चुनाव जीता। हालांकि, 2020 के चुनाव में उन्हें समाजवादी पार्टी के आशुतोष सिन्हा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा ने एक बार फिर अनुभवी केदारनाथ सिंह पर भरोसा जताया है।
वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. प्रमोद मिश्र को टिकट दिया गया है। प्रमोद मिश्र पहले भी शिक्षक एमएलसी रह चुके हैं। 2007 के उपचुनाव में उन्होंने जीत दर्ज की थी। इसके बाद 2008, 2014 और 2020 के चुनावों में उन्हें हार मिली। वह वाराणसी के बड़ागांव क्षेत्र के रहने वाले हैं और कमलाकर चौबे आदर्श सेवा इंटर कॉलेज में अंग्रेजी के प्राध्यापक हैं।
वाराणसी की दोनों सीटों पर पिछले चुनाव में भाजपा को सफलता नहीं मिली थी। स्नातक सीट से आशुतोष सिन्हा और शिक्षक सीट से लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में इस बार भाजपा के उम्मीदवारों के सामने इन सीटों को वापस हासिल करने की चुनौती होगी।
उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित हो चुका है। भाजपा ने इन चुनावों को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं और वाराणसी की दोनों सीटों पर अनुभवी चेहरों को मैदान में उतारा है।





