कर्नाटक में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। इसी बीच कर्नाटक के गृह मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने बीजेपी नेताओं को खुली चुनौती दी है। खरगे ने कहा कि अगर बीजेपी नेता बिना किसी कागज या टेलीप्रॉम्प्टर की मदद के ‘वंदे मातरम्’ के सभी पद गाकर दिखा दें, तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। उनका यह बयान कर्नाटक के कलबुर्गी में एक कार्यक्रम के दौरान आया, जिसके बाद इस मुद्दे पर सियासी बहस और तेज हो गई है।
दरअसल, विवाद कर्नाटक सरकार के उस निर्देश को लेकर है, जिसमें सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के शुरुआती दो पद गाने की बात कही गई है। हालांकि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों को इस निर्देश से अलग रखा गया है। कांग्रेस का कहना है कि वह इस व्यवस्था के जरिए 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा लिए गए फैसले की परंपरा का पालन कर रही है। दूसरी ओर, बीजेपी सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए वंदे मातरम् के पूरे गीत को गाने की मांग कर रही है।
यह विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर कानूनी स्तर तक भी पहुंच गया है। 15 सितंबर को कर्नाटक हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल कर राज्य सरकार के दो पदों वाले निर्देश को चुनौती दी गई। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार का फैसला केंद्र की ओर से वंदे मातरम् के आधिकारिक संस्करण को लेकर जारी निर्देशों से अलग है। ऐसे में अब इस मामले में अदालत की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल प्रियांक खरगे के बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच यह मुद्दा और गरमा गया है।





