लेह स्थित लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेंटर में अग्निवीरों के प्रशिक्षण को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे ने लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेंटर का दौरा कर अग्निवीरों के प्रशिक्षण और वहां उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।
दौरे के दौरान GOC ने अग्निवीरों को दिए जा रहे प्रशिक्षण, ट्रेनिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सेंटर में चल रही विभिन्न गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने सेंटर में तैयार की गई चाइनीज लैंग्वेज लैब का भी निरीक्षण किया। इस लैब के जरिए सैनिकों को ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चीनी भाषा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे ने ड्रोन ट्रेनिंग नोड (DTN) का उद्घाटन भी किया। इस नई सुविधा के जरिए सैनिकों को ड्रोन तकनीक, उसके संचालन और सैन्य अभियानों में इसके इस्तेमाल से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी। आधुनिक युद्ध में ड्रोन की बढ़ती भूमिका को देखते हुए इस तरह की ट्रेनिंग को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लद्दाख का इलाका बेहद ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाला है। ऐसे में यहां सैनिकों को पारंपरिक सैन्य प्रशिक्षण के साथ आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देना उनकी ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करने में मदद करेगा। ड्रोन ट्रेनिंग नोड के जरिए अग्निवीरों और अन्य सैनिकों को बदलती सैन्य तकनीक और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
अपने दौरे के दौरान GOC ने लद्दाख स्काउट्स के जवानों से मुलाकात की और उनके साथ बातचीत भी की। उन्होंने जवानों के समर्पण, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की। इस दौरे से लद्दाख में सैनिकों के प्रशिक्षण को आधुनिक तकनीक के साथ मजबूत करने और उनकी ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने पर सेना के फोकस को भी रेखांकित किया गया।





