लखनऊ के फैजुल्लागंज और आसपास के इलाकों में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए सरकार ने बड़ी योजना तैयार की है। इसके तहत आईआईएम रोड से खदरा होते हुए पक्कापुल तक गोमती नदी के किनारे 5.5 किलोमीटर लंबा तटबंध बनाया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य नदी का जलस्तर बढ़ने पर रिहायशी इलाकों में पानी घुसने से रोकना और लोगों को बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत दिलाना है।
हाल के दिनों में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से फैजुल्लागंज के कई मोहल्ले प्रभावित हुए थे। बाढ़ के कारण हजारों परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा। 8 अक्टूबर को गोमती नदी का जलस्तर 108.60 मीटर तक पहुंच गया था, जो 108.50 मीटर के चेतावनी स्तर से अधिक था। फैजुल्लागंज का निचला भू-स्तर और नदी के पानी का बढ़ना इस क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ा देता है। ऐसे में प्रस्तावित तटबंध को इलाके की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
तटबंध के साथ जल निकासी व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। इसके लिए 12 नए पंपिंग स्टेशन बनाने की योजना है, ताकि बारिश और बाढ़ के दौरान जमा होने वाले पानी को तेजी से निकाला जा सके। इसके अलावा न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक जल निकासी का नेटवर्क विकसित किया जाएगा। गोमती नदी से गाद निकालने और बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत पर भी ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों को सभी संबंधित कार्यों में बेहतर तालमेल बनाए रखने और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
फैजुल्लागंज में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की भी तैयारी है। योजना के तहत सीवर लाइन, पेयजल आपूर्ति, सड़क और बिजली व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। क्षेत्र में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक की शिक्षा के लिए नया शैक्षणिक संस्थान खोलने की योजना है। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अपग्रेड करने और बिजली आपूर्ति बेहतर बनाने के लिए 132 केवी का नया सब-स्टेशन स्थापित करने की योजना भी शामिल है।
बाढ़ के दौरान प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य चलाकर प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाई थी। इसके लिए राहत चौकियां और आश्रय स्थल बनाए गए तथा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमों ने लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में मदद की। प्रभावित परिवारों को भोजन, पीने का पानी और राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। अब 5.5 किलोमीटर लंबे तटबंध और जल निकासी से जुड़ी योजनाओं के पूरा होने से फैजुल्लागंज के लोगों को बाढ़ के खतरे से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक लाभ निर्माण कार्य पूरा होने और जल निकासी व्यवस्था प्रभावी होने के बाद ही सामने आएगा।





