कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI में नेहा बोरा को लेकर नाराजगी की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ राजनीतिक कार्यक्रमों में नेहा बोरा को अधिक महत्व मिलने से NSUI के कुछ सदस्य असंतुष्ट थे। इसी नाराजगी के बीच संगठन के एक व्हाट्सएप ग्रुप का नाम बदलकर ‘WE THE Chhotu’ रख दिया गया। इस घटना ने कांग्रेस के छात्र संगठनों के बीच तालमेल और कार्यकर्ताओं को मिलने वाली प्राथमिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नेहा बोरा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष हैं। 12 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी दलों के मार्च के दौरान वह राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ नजर आई थीं। मार्च में उनकी मौजूदगी और विपक्षी नेताओं के साथ उनकी सक्रिय भागीदारी ने उन्हें चर्चा में ला दिया। इसके बाद NSUI के कुछ सदस्यों में इस बात को लेकर नाराजगी की खबरें सामने आईं कि दूसरे छात्र संगठन की नेता को इतनी प्रमुखता क्यों दी जा रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, NSUI के एक सदस्य ने संगठन के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप का नाम करीब तीन दिनों तक ‘WE THE Chhotu’ रखा। इस ग्रुप में NSUI के प्रभारी कन्हैया कुमार, अध्यक्ष विनोद जाखड़ और संगठन के अन्य पदाधिकारी शामिल थे। कथित तौर पर इस नाम के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि संगठन के कार्यकर्ता भी पार्टी के कार्यक्रमों और प्रदर्शनों में मेहनत करते हैं, लेकिन उन्हें अपेक्षित महत्व नहीं मिलता।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बाद में NSUI समेत कांग्रेस के अन्य युवा संगठनों के नेताओं ने राहुल गांधी से मुलाकात की। इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप का नाम बदल दिया गया। हालांकि, नेहा बोरा को लेकर शिकायत सीधे राहुल गांधी के सामने उठाए जाने की पुष्टि नहीं हुई। NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने भी नेहा बोरा को लेकर संगठन में नाराजगी होने की बात से इनकार किया।
कांग्रेस के मीडिया प्रभारी पवन खेड़ा ने कहा कि कांग्रेस ऐसा मंच है, जहां जनता के मुद्दे उठाने वाली हर आवाज को जगह मिलती है। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर छात्र संगठनों की भूमिका, कार्यकर्ताओं को मिलने वाली प्राथमिकता और अलग-अलग विचारधाराओं वाले संगठनों के साथ तालमेल को लेकर चर्चा तेज कर दी है।





