कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद वोट चोरी के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी के सबूत मांगे थे और उनके पास इसके सबूत मौजूद हैं। राहुल गांधी के इस बयान के बाद चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान विपक्षी नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में गड़बड़ियां हुई हैं और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई सवाल हैं। राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेता इन मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।
विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए और उन्हें पद से हटाने की मांग राष्ट्रपति के सामने रखी। इसके अलावा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव में बैलेट पेपर के इस्तेमाल जैसे मुद्दों पर भी अपनी चिंताएं जाहिर कीं। विपक्ष ने इन मामलों में आगे कानूनी कदम उठाने की बात भी कही।
राहुल गांधी के बयान के बाद वोट चोरी के आरोप एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। हालांकि, इन आरोपों को साबित करने के लिए संबंधित सबूतों की जांच जरूरी है। अब इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या जवाब देता है, इस पर सभी की नजरें रहेंगी।





